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पानी के लिए महिलाओं ने फोड़ा मटका, लगाया जाम

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पेयजल संकट को लेकर जटवाड़ा रोड पर बुग्गी अड़ाकर खड़ी महिलाएं। संवाद - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। शहर की सुंदर सांवरी व डेहा बस्ती कॉलोनियों में रहने वाले 1500 परिवार 20 दिन से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। लोगों को गोशाला व मंदिर में लगे ट्यूबवेल से पानी लेकर आना पड़ रहा है। पेयजल की समस्या दूर करने के लिए दो दिन पहले नगर निगम की तरफ से कॉलोनी में ट्यूबवेल लगाने का काम शुरू किया गया तो उसे एक व्यक्ति ने रुकवा दिया। पहले से ही पेयजल को भटक रहे लोगों को इसका पता लगा तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। क्षेत्र की महिलाओं ने नगर निगम के खिलाफ मटका फोड़ प्रदर्शन किया और बाद में लोगों ने एक घंटे तक जटवाड़ा रोड जाम रखा। जाम का पता लगने पर मेयर निखिल मदान व निगम पार्षद हरिप्रकाश सैनी पहुंचे। मेयर ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया और ट्यूबवेल लगाने का काम दोबारा शुरू कराया।
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सुंदर सांवरी व डेहा बस्ती में 18 अगस्त के बाद पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। ट्यूबवेल की मोटर जलने से पानी की आपूर्ति बंद हो गई थी। पेयजल किल्लत से परेशान लोगों ने 25 अगस्त को निगम कार्यालय में प्रदर्शन किया था। इसके बाद मोटर ठीक करवाकर ट्यूबवेल को दोबारा चालू कराया गया। लेकिन पानी आपूर्ति कुछ क्षेत्र में ही हो सकी। एक सप्ताह चलने के बाद वह ट्यूबवेल भी ठप हो गया। ऐसे में निगम के अधिकारियों ने दो दिन पहले ही क्षेत्र में खाली पड़ी निगम की जमीन पर ट्यूबवेल लगाने का काम शुरू कराया था। जहां ट्यूबवेल लगाया जा रहा था उसके साथ लगती जमीन पर एक व्यक्ति ने स्टे ले रखा था। उसे पता चला कि निगम की टीम उस जमीन पर ट्यूबवेल लगा रही है तो उसने पुलिस बुलाकर ट्यूबवेल लगाने के काम को रुकवा दिया।
जिस पर कॉलोनी के लोग बुधवार को काम रोकने के बाद वकील से मिले थे तो उन्हें अधिवक्ता ने बताया कि कॉलोनी के एक व्यक्ति ने निजी जमीन पर स्टे लिया हुआ है। निगम की जमीन पर कोई स्टे नहीं है। लोगों ने इसे लेकर निगम के कर्मियों को अवगत कराया। उसके बाद भी ट्यूबवेल लगाने का काम दोबारा शुरू नहीं हो पाया तो वीरवार को गुस्साई महिलाओं ने एकत्रित होकर मटका फोड़ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद महिलाओं व क्षेत्र के लोगों ने जटवाड़ा रोड जाम कर दिया। जिसके कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। ऐसे में वाहन चालकों को परेशानी हुई। सूचना मिलने पर ओल्ड सिटी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन लोग समस्या के समाधान तक जाम न खोलने पर अड़े रहे।
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गोशाला व मंदिर से ला रहे पानी, पैसों से भी खरीदकर पी रहे
लोगों ने मेयर निखिल मदान को बताया कि 20 दिन से उनके क्षेत्र में पेयजल किल्लत है। जिसकी वजह से उन्हें पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। कभी गोशाला से पानी लेकर आना पड़ रहा है तो कभी मंदिर में लगे सबमर्सिबल से लाकर पानी पीना पड़ता है। उसके बावजूद पानी की पूर्ति नहीं होती है तो उन्हें पैसे देकर पानी मंगवाना पड़ता है। पानी आपूर्ति बाधित होने के कारण गर्मी में उन्हें काफी परेशानी हो रही है।
जाम के कारण पुलिस को करना पड़ा रूट डायवर्ट
लोगों के कॉलोनी के सामने पुरखास रोड जाम करने से वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है। जाम में वाहन लगातार फंसते चले गए। जिस पर पुलिस पहुंची और रूट डायवर्ट कर वाहनों को दूसरे मार्गों से निकालना पड़ा। जाम खुलने के बाद ही वाहन चालकों को राहत मिल सकी।
वर्जन
सुंदर सांवरी में पेयजल आपूर्ति के लिए ट्यूबवेल लगाने का काम शुरू किया गया था। किसी व्यक्ति ने निगम की जमीन को निजी बताकर कोर्ट से लिया स्टे दिखाकर काम रुकवा दिया था। मामले की जांच की गई तो पता लगा कि स्टे दूसरी जमीन पर दिया गया है। जिसके बाद जमीन पर ट्यूबवेल लगाने का काम दोबारा शुरू कर दिया गया है। लोगों को किसी तरह की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
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- निखिल मदान, मेयर नगर निगम।
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