कुंडली व अन्य मोर्चों पर किसान आंदोलन के स्थगित होने के बाद प्रदर्शन में शामिल किसानों की घर वापसी के चलते शुक्रवार रात दस बजे से एनएच-44 पर जाम के हालात बन गए थे। करीब 18 घंटे तक वाहन चालक जाम की स्थिति से जूझते रहे। शनिवार दोपहर बाद दो बजे के बाद ही स्थिति में सुधार हो सका। एनएच-44 के साथ ही केजीपी-केएमपी पर भी घंटों तक वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हाईवे का जाम खुलने के बाद ही एक्सप्रेस-वे पर फंसे वाहन चालकों को राहत मिली। प्रदर्शनकारी किसानों की काफी संख्या में वापसी हो गई है। एक-दो दिन में हाईवे पूरी तरह खाली हो जाएगा।
सरकार से बातचीत में सहमति बनने के बाद प्रदर्शनकारियों ने शनिवार से घर वापसी का एलान किया था। कुंडली बॉर्डर से किसानों ने नौ दिसंबर को ही वापसी शुरू कर दी है, जिसमें 10 दिसंबर को तेजी आई और रात दस बजे तक हाईवे पर सामान से लदी सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के कारण जाम के हालात बन गए। देर रात तक वाहन चालक जाम से जूझते रहे। शनिवार तड़के कुछ समय के लिए राहत मिली, लेकिन उसके बाद फिर से जाम लग गया। किसानों के विजयी जुलूस के हाईवे पर आने के बाद जाम के हालात हो गए। पुलिस ने जीटी रोड की एक लेन प्रदर्शनकारियों के लिए आरक्षित कर दी थी। वहीं जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने केजीपी और केएमपी से वाहनों के नीचे उतरने पर रोक लगा दी थी। साथ ही जीटी रोड की दिल्ली-पानीपत लेन पर बाहरी वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया था। उसके बाद भी जाम लग गया। इससे सुबह छह बजे तक केजीपी-केएमपी और एनएच-44 पर लंबा जाम लग गया था।
पुलिस की दो कंपनियों और आरएएफ की एक कंपनी के जवानों ने व्यवस्था संभालने का प्रयास किया। जवानों ने केजीपी-केएमपी के वाहनों को रोक दिया। साथ ही एनएच-44 पर आ रहे भारी वाहनों को पानीपत पर ही रोक दिया गया। उसके बावजूद जाम से राहत नहीं मिली। वाहन रेंगते हुए चलते रहे। केजीपी और केएमपी के वाहनों को एनएच-44 पर आने से रोका गया तो वहां पर भी लंबा जाम लग गया। गुरुग्राम की ओर से आने वाले वाहनों की करीब तीन किमी तक लंबी लाइन लग गई। वहीं केजीपी पर भी करीब दो किमी लंबी लाइन लग गई। दोपहर दो बजे के प्रदर्शनकारियों की संख्या में कमी आने पर धीरे-धीरे केजीपी-केएमपी के वाहनों को निकालने का काम शुरू किया गया।
गांवों के अंदर से निकले वाहन चालक
एनएच-44 पर लंबा जाम लगने से वाहन चालक आसपास के गांवों में घुस गए। दोपहर बाद तक वाहन चालक ग्रामीणों से रास्ता पूछकर दूसरे मार्गों से अपने गंतव्य की तरफ जा सके। बढ़मलिक, जठेड़ी, राई, राठधना व लिवासपुर में वाहन चालक भटकते रहे।
वर्जन
सैकड़ों वाहनों के एक साथ हाईवे पर आने के कारण वाहनों की कतार लग गई थी। उसके बावजूद पुलिस ने बेहतर कार्य किया। पुलिस की बनाई गई योजना से लोगों को ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ा। वाहनों को पानीपत व अन्य क्षेत्रों में दूर ही रोक देने से दोपहर तक हालात सामान्य कर दिए गए। - वीरेंद्र सिंह, डीएसपी, सोनीपत
किसानों के घर वापसी के बाद खाली हुआ जीटी रोड। संवाद- फोटो : Sonipat