सोनीपत। कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला व प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने नए साल की शुरुआत कुंडली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों के बीच रहकर की। दोनों नेताओं ने भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी से मुलाकात की और किसानों को लंगर भी छकाया। जहां रणदीप सुरजेवाला ने सरकार को घेरते हुए किसानों की मांग जल्द पूरा करने की बात कही। वहीं कुमारी सैलजा ने किसानों के नाम एक पत्र भी लिखा। साथ ही कहा कि कांग्रेस सदैव किसानों के हित में उनके साथ खड़ी है।
कुंडली बॉर्डर पर ट्रैक्टर में सवार होकर पहुंची प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की ताकत सबसे बड़ी है। सरकार को तुरंत कृषि कानूनों को निरस्त करना चाहिए। साथ ही सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी का कानून बनाए और यह भी सुनिश्चित करें कि शत प्रतिशत फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ही बिके। पराली और बिजली विधेयक पर जो सरकार ने किसान नेताओं से वादा किया है, उसे तत्काल पूरा किया जाए। किसान ठंड के बीच सड़क पर बैठे हैं। उसके बावजूद सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं कर रही है। सरकार को चाहिए कि इस आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के परिवारजनों को मुआवजा व नौकरी दी जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों के हक में पहले भी आवाज उठाती रही है। उन्हें यह महसूस हुआ कि वह भी किसानों के बीच रात भर रहकर उनकी पीड़ा को समझें और उनका दुख बांटें। जिसके चलते वह किसानों के बीच आई है। उन्होंने किसानों को लंगर भी छकाया और गुरनाम चढूनी से मिलकर किसान आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान विधायक प्रदीप चौधरी, शमशेर सिंह गोगी, शैली चौधरी, पूर्व सीपीएस रामकिशन गुर्जर, पूर्व मंत्री बिजेंद्र कादियान, पूर्व विधायक बंता राम वाल्मीकि, डा.अजय चौधरी, निलय सैनी, सुधा भारद्वाज, संजय अग्रवाल, रामनिवास राडा, वेणु अग्रवाल, निर्मल चौहान, बिमल सरोहा, बालमुकुंद शर्मा, रमेश बामल, संजीव भारद्वाज, अमरदीप बराड़, सुमित गौड़, योगेश ढींगरा मौजूद रहे।
रणदीप सुरजेवाला ने किसानों को छकाया लंगर
रात को कांग्रेस के महासचिव रणदीप सुरजेवाला भी किसानों के बीच पहुंचे और अपना समर्थन दिया। उन्होंने गुरनाम सिंह चढूनी से मुलाकात के बाद किसानों को लंगर छकाया। उन्होंने कहा कि किसानों की इस लड़ाई में कांग्रेस मजबूती से उनके साथ खड़ी है। किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। जिसमें सरकार को उनकी बात को तत्काल मान लेना चाहिए। जिससे किसानों के साथ न्याय हो सके।