सोनीपत के सिविल लाइन थाना क्षेत्र की युवती ने 15 सितंबर, 2020 को पुलिस को बताया था कि उनकी मां व बहन उनसे अलग रहती हैं। वह अपने पिता के साथ रह रही है। उनके पिता के घर उनकी मुंहबोली बहन का अक्सर आना जाना था।
सोनीपत की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने लड़की से अश्लीलता करने के मामले में सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को सात साल कैद व 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश किए गए हैं।
विज्ञापन
अदालत ने दोषी पर 70 हजार रुपये जुर्माना भी किया
सिविल लाइन थाना क्षेत्र की युवती ने 15 सितंबर, 2020 को पुलिस को बताया था कि उनकी मां व बहन उनसे अलग रहती हैं। वह अपने पिता के साथ रह रही है। उनके पिता के घर उनकी मुंहबोली बहन का अक्सर आना जाना था। ऐसे में मुंह बोली बुआ के साथ मुंह बोले फूफा पंकज भी उनके घर आते थे। युवती ने बताया था कि जनवरी, 2017 में जब वह नाबालिग थी तो उनकी मुंह बोली बुआ व फूफा उनके घर आए हुए थे। रात को उनके फूफा उनके पिता के साथ अलग कमरे में व उसकी बुआ और वह अलग कमरे में सो गए थे।
जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश
रात उसकी आंख खुली तो उसके फूफा उसके साथ अश्लील हरकत कर रहे थे। उसके जागने पर उसके फूफा ने धमकी देकर उसे चुप करा दिया था। उसके बाद वह अक्सर उसकी तरफ अश्लील इशारे करने लगे थे। वह डरकर चुप रह जाती थी। 12 सितंबर, 2020 को भी उसके फूफा आए थे। तब उन्होंने अश्लील इशारे करते हुए धमकी दी थी। उसने मामले से अपने पिता को अवगत कराया था। एक दिन बाद जब उनके पिता तथा वह बुआ के घर उलाहना देने गए थे तो उनके फूफा ने धमकी देकर उन्हें भगा था। जिस पर 15 सितंबर, 2020 को पुलिस को अवगत कराया था। पुलिस ने मामले में छेडख़ानी, 12 पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने आरोपी पंकज को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया था।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई के बाद एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने आरोपी पंकज को दोषी करार दिया। अदालत ने वीरवार को दोषी को 10 पॉक्सो एक्ट में सात साल कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना, 12 पॉक्सो एक्ट में तीन साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना तथा भादंसं की धारा 506 में दो साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सभी सजा एक साथ चलेंगी। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीडि़त को देने के आदेश दिए हैं। जुर्माना न देने पर 11 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।