हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राहुल बिश्नोई की अदालत ने मादक पदार्थ की तस्करी के मामले में दोषी को 10 साल कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी हिमाचल के शिमला से मादक पदार्थ लेकर आया था।
थाना सदर गोहाना में नियुक्त एसआई कप्तान सिंह ने 17 जनवरी, 2019 को पुलिस को बताया था कि वह अपनी टीम के साथ गांव सिकंदरपुर माजरा के पास मौजूद थे। इसी दौरान उन्हें एक युवक संदिग्ध अवस्था में घूमता दिखाई दिया था। पुलिस ने युवक को रोककर उसकी तलाशी ली थी तो उसके पास से एक किलो 800 ग्राम चरस बरामद हुई थी। आरोपी ने अपनी पहचान गांव रभड़ा निवासी गौरव उर्फ गांधी के रूप में दी थी।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मादक द्रव्य निरोधक अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया था। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि चरस हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से लेकर आया था। वह शिमला बस स्टैंड के बाहर खड़ा था। वहां पर एक युवक ने उसे चरस बेची थी।
वह यहां बेचने के लिए लेकर आया तो पकड़ा गया। मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे राहुल बिश्नोई की अदालत ने गौरव को दोषी को 10 साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर 18 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
केस 2: मादक पदार्थ तस्करी के दोषी को सात साल कैद
हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राहुल बिश्नोई की अदालत ने मादक पदार्थ तस्करी के मामले में सुनवाई करते हुए दोषी को सात साल कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर 18 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मुरथल थाना के तत्कालीन एसआई नरेश कुमार ने 16 नवंबर, 2018 को पुलिस को बताया था कि वह अपनी टीम के साथ कुराड़ मोड़, देवडू रोड पर मौजूद थे। इसी दौरान एक ईको गाड़ी आती दिखाई दी थी। पुलिस टीम को देखकर ईको चालक मुड़कर जाने लगा। जिस पर शक के आधार पर रोका गया तो गाड़ी में गढ़ी केसरी गांव का बिट्टू व उसका साथी हिमाचल के कुल्लू का लोटम राम सवार थे।
पुलिस ने उनकी तलाशी ली तो उनके पास से 820 ग्राम चरस बरामद हुई थी। पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे राहुल बिश्नोई की अदालत ने आरोपी बिट्टू को दोषी करार दिया। दोषी को सात साल कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।