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सोनीपत: चाचा से झगड़े की रंजिश में 12 साल की बच्ची को जलाकर मारने के दोषी को उम्रकैद, 50 हजार रुपये जुर्माना

Wed, 23 Mar 2022 06:14 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

कुंडली की शिवपुरी कॉलोनी में 16 नवंबर, 2018 को दोषी ने अपने कमरे में बंद कर बच्ची को जला दिया था। 45 फीसदी जली हालत में दिल्ली में बच्ची का उपचार कराया, लेकिन बाद में मौत हो गई थी। अदालत ने दोषी को उम्रकैद के साथ ही 50 हजार रुपये जुर्माना देने का आदेश दिया है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह की अदालत ने कुंडली की शिवपुरी कॉलोनी में 12 साल की बच्ची को जलाकर मारने के दोषी को उम्रकैद और 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। दोषी ने बच्ची के चाचा के साथ हुए झगड़े में वारदात को अंजाम दिया था। 

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 उत्तर प्रदेश के जिला संभल के गांव कोट पुखी निवासी ओमप्रकाश ने 17 नवंबर, 2018 को कुंडली थाना पुलिस को बताया था कि वह अपनी बेटी तनीषा उर्फ तन्नू (12) और पत्नी के साथ कुंडली की शिवपुरी कॉलोनी में किराये पर मकान लेकर रहता है। वह कुंडली में एक फैक्टरी में काम करता है।

 

वह जिस मकान में रहता है उसी में उसका भाई महेश भी किराये पर कमरा लेकर अपने परिवार के साथ रहता है। उसने बताया था कि महेश के कमरे के सामने एक अन्य किरायेदार अशोक (18) भी रहता है। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के जिला हरदोई के सिमरा चौराहे का अशोक अक्सर शराब पीता था। रोकने पर महेश के साथ झगड़ा करता था। 
 

ओमप्रकाश ने पुलिस को बताया था कि अशोक ने 16 नवंबर, 2018 को महेश के साथ झगड़ा किया था। तब उसने बीच-बचाव कर दिया था। इस पर अशोक ने उसे व उसके परिवार को मारने की धमकी दी थी। उसी दिन देर शाम उसकी बेटी तनीषा अपने चाचा के कमरे पर गई थी। इसी बीच उसे शोर सुनाई दिया तो वह नीचे गया। महेश ने बताया कि अशोक तनीषा को उठाकर अपने कमरे में ले गया है।

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कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया है। उन्होंने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन नहीं खोला। उन्होंने खिड़की से देखा कि अशोक उसकी बेटी की पिटाई कर रहा है। इसी दौरान उसने कोई ज्वलनशील पदार्थ उसकी बेटी पर डाल दिया। उसकी बेटी को जिंदा जलाने के लिए आग लगा दी। उन्होंने आसपास के लोगों की मदद से दरवाजे की कुंडी को तोड़ा और अंदर घुसे।


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उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक तनीषा के हाथ व कमर के नीचे का हिस्सा बुरी तरफ से झुलस गया था। बच्ची करीब 45 फीसदी झुलस गई थी। उसने तनीषा को नरेला के सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल में भर्ती कराया था।

 

जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे एलएनजेपी अस्पताल दिल्ली रेफर कर दिया गया था। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। झुलसी तनीषा की 4 जनवरी, 2019 को मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में हत्या की धारा जोड़ दी थी।

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बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे शैलेंद्र सिंह की अदालत ने अशोक को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।

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