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करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस सड़क पर

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लघु सचिवालय में अंदर घुसने के लिए पुलिस के साथ धक्कामुक्की करते कांग्रेस कार्यकर्ता। - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज के विरोध में वीरवार को कांग्रेस के चार विधायकों व मेयर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। डीसी कार्यालय पहुंचे कांग्रेसी डीसी को ज्ञापन देने की जिद पर अड़े रहे, लेकिन डीसी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे। पहले सीटीएम उसके बाद एसडीएम को भेजा गया, लेकिन कांग्रेसियों ने उन्हें भी ज्ञापन देने से इनकार कर दिया और डीसी को बुलाने की जिद करने लगे। आधे घंटे के इंतजार के बाद भी जब डीसी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे तो कांग्रेसियों ने एसडीएम को ही ज्ञापन सौंप दिया और लौट गए।
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करनाल में 28 अगस्त को किसानों पर हुए लाठीचार्ज, परिवार पहचान पत्र विधेयक, भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वीरवार को लघु सचिवालय परिसर में पहुंचकर भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके बाद पूर्व सांसद धर्मपाल सिंह मलिक, गोहाना से विधायक जगबीर मलिक, खरखौदा से विधायक जयवीर बाल्मीकि, सोनीपत से विधायक सुरेंद्र पंवार, बरोदा से विधायक इंदूराज नरवाल, मेयर निखिल मदान व समस्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सुरेंद्र छिक्कारा, बिजेंद्र आंतिल, मनोज रिढाऊ, ललित पंवार, अनिल सीटू, एडवोकेट पुनीत राणा, संजय बड़वासनी, सुरेश भारद्वाज, सत्यवीर निर्माण मौजूद रहे।
ऐसे चला घटनाक्रम
कांग्रेस नेता प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। सचिवालय के पास काफी देर तक वक्ताओं ने संबोधित किया। हुई। इसके बाद नेताओं का एक समूह ज्ञापन देने के लिए सचिवालय में अंदर गया। इन नेताओं ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि वे डीसी को ज्ञापन देंगे। यह सूचना डीसी कार्यालय को दी गई। कुछ देर बाद सीटीएम जितेंद्र जोशी को ज्ञापन लेने के लिए भेजा गया। कांग्रेस नेताओं ने सीटीएम को ज्ञापन देने से मना कर दिया। इसके बाद एसडीएम शशि वसुंधरा आई, लेकिन उन्हें भी ज्ञापन देने से मना कर दिया गया। बाद में कांग्रेस नेताओं के पास संदेश पहुंचाया गया कि डीसी किसी पारिवारिक कारण से नहीं आ सकते।
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वर्जन
कांग्रेस की ओर विधायक व कुछ अन्य लोग ज्ञापन देने के लिए आए थे। सीएम के आगमन से संबंधित तैयारियों को लेकर चल रही बैठक में व्यस्त होने के कारण मैं ज्ञापन लेने नहीं जा सका। दूसरे अधिकारियों को ज्ञापन लेने के लिए भेजा गया। इसे व्यर्थ मुद्दा बनाया जा रहा है। मेरे लिए सभी जनप्रतिनिधि एक समान हैं और सभी आदरणीय हैं।
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ललित सिवाच, डीसी, सोनीपत।
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