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किसानों का दिल्ली कूच: रामलीला मैदान में महापंचायत, MSP गारंटी कानून व अन्य मांगों को लेकर होगी रणनीति तैयार

Mon, 20 Mar 2023 09:40 AM IST
नवीन दलाल अमर उजाला, रोहतक डेस्क (हरियाणा)

सार

हरियाणा के किसान दिल्ली में होने वाली महापंचायत को लेकर अलग-अलग जिलों से रवाना हो चुके हैं। इसमें मुख्य रूप से बिजली बिल माफ करने, एमएसपी पर सहमति न बनने आदि मांगों पर चर्चा कर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
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महापंचायत के लिए किसान रवाना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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किसानों ने सरकार के खिलाफ एक बार फिर से मोर्चा खोल दिया है। जिसको लेकर हरियाणा के किसान दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली महापंचायत के लिए रवाना हो रहे हैं। किसानों ने सरकार चेतावनी दी है कि अगर उनकी बातों पर सहमति नहीं बनाती तो एक बार फिर बड़े आंदोलन को करने से पीछे नहीं हटेंगे। वहीं किसानों का प्रयास है कि 2024 में होने वाले चुनाव से पहले वह सभी मांगों पर सहमति बनवा लें।

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दिल्लीऔर हरियाणा पुलिस अलर्ट पर
सोनीपत से भी एमएसपी गारंटी कानून व अन्य मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के किसान दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली महापंचायत के लिए रवाना हुए हैं। जानकारी के अनुसार देश के सभी राज्यों से रामलीला मैदान में किसान एकजुट होंगे। जिसके चलते जीटी रोड पर कुंडली–सिंघु बॉर्डर पर दिल्ली और हरियाणा पुलिस अलर्ट पर है। वहीं कुंडली–सिंघु बॉर्डर पर पुलिस ने बैरिकेटिंग की है तो दिल्ली जाने वाले वाहनों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। 
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जींद से भारी संख्या में दिल्ली के लिए ट्रेनों में रवाना हुए किसान
संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली किसान महापंचायत के लिए जींद से सुबह 6:00 बजे भारी संख्या में किसान ट्रेनों में दिल्ली के लिए रवाना हुए। जिला प्रेस प्रवक्ता रामराजी ने कहा कि दिल्ली में महापंचायत करेंगे। इसमें सरकार के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की जा सकती है। यदि सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो दिल्ली में स्थाई धरना भी दिया जा सकता है।

एक दिवसीय सरकार का विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम

भारतीय किसान यूनियन टिकैत ग्रुप के सदस्य मांगों को लेकर हजारों की संख्या में किसान दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं। भाकियू टिकैत ग्रुप के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने बताया कि मांगों को लेकर किसान रविवार से ही दिल्ली पहुंचना शुरू हो गए थे। इस बार किसान ट्रेन से अधिक संख्या में पहुंचे हैं। इसके अलावा गाड़ियों व बसों से भी किसान पहुंच रहे हैं।

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दिल्ली रामलीला ग्राउंड में उनका एक दिवसीय सरकार का विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम हैं। इसके बाद यदि सरकार ने किसानों की मांगें नहीं मानी तो संसद का घेराव करने का भी मोर्चा फैसला ले सकता है। भाकियू टिकैत ग्रुप के जिला कोषाध्यक्ष सतपाल दिल्लोंवाली ने कहा कि जिला कैथल से लगभग 700 किसान दिल्ली पहुंचे है। अधिकांश किसान ट्रेन में गए है। कई गांवों के किसानों ने मिलकर बस व गाड़ियां भी गई है। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांगें एमएसपी पर गारंटी कानून, बिजली बिल विधेयक 2020 वापस कराना, किसान कर्ज मुक्त हो व लखीमपुर खीरी में दर्ज मुकदमे वापस करवाने की है।
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ट्रेन से दिल्ली रवाना हुए 200 से ज्यादा किसान

अलग अलग किसान यूनियनों से जुड़े जिले के 200 से अधिक संख्या में किसान दिल्ली रवाना हुए है। टोहाना, जाखल व रतिया के किसान जाखल से दिल्ली जाने वाली ट्रेन से गए हैं जबकि फतेहाबाद व भट्टू क्षेत्र से किसान बठिंडा से दिल्ली जाने वाली किसान एक्सप्रेस के जरिये गए। कुछ किसान नेता अपनी गाड़ियों से भी दिल्ली की ओर रवाना हुए हैं। गांवों में गुरूद्वारों में भी दिल्ली जाने के लिए अनाउंसमेंट करवाई गई है।

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पगड़ी संभाल जट्टा भारतीय किसान संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष मनदीप नाथवान ने बताया कि दिल्ली के रामलीला ग्राउंड में केंद्र सरकार के खिलाफ रैली रखी गई है। इसमें शामिल होने के लिए अलग अलग वाहनों में किसान फतेहाबाद जिले से रवाना हुए हैं। उन्होंने कहा कि एमएसपी पर गारंटी कानून, बिजली बिल विधेयक 2020 वापस करवाने, किसानों के कर्ज माफ करने सहित कई मांगो को इस रैली में उठाया जाएगा और सरकार के खिलाफ फिर से आंदोलन तेज करने का फैसला लिया जाएगा।
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