भारतीय किसान यूनियन टिकैत ग्रुप के सदस्य मांगों को लेकर हजारों की संख्या में किसान दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं। भाकियू टिकैत ग्रुप के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने बताया कि मांगों को लेकर किसान रविवार से ही दिल्ली पहुंचना शुरू हो गए थे। इस बार किसान ट्रेन से अधिक संख्या में पहुंचे हैं। इसके अलावा गाड़ियों व बसों से भी किसान पहुंच रहे हैं।
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दिल्ली रामलीला ग्राउंड में उनका एक दिवसीय सरकार का विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम हैं। इसके बाद यदि सरकार ने किसानों की मांगें नहीं मानी तो संसद का घेराव करने का भी मोर्चा फैसला ले सकता है। भाकियू टिकैत ग्रुप के जिला कोषाध्यक्ष सतपाल दिल्लोंवाली ने कहा कि जिला कैथल से लगभग 700 किसान दिल्ली पहुंचे है। अधिकांश किसान ट्रेन में गए है। कई गांवों के किसानों ने मिलकर बस व गाड़ियां भी गई है। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांगें एमएसपी पर गारंटी कानून, बिजली बिल विधेयक 2020 वापस कराना, किसान कर्ज मुक्त हो व लखीमपुर खीरी में दर्ज मुकदमे वापस करवाने की है।
अलग अलग किसान यूनियनों से जुड़े जिले के 200 से अधिक संख्या में किसान दिल्ली रवाना हुए है। टोहाना, जाखल व रतिया के किसान जाखल से दिल्ली जाने वाली ट्रेन से गए हैं जबकि फतेहाबाद व भट्टू क्षेत्र से किसान बठिंडा से दिल्ली जाने वाली किसान एक्सप्रेस के जरिये गए। कुछ किसान नेता अपनी गाड़ियों से भी दिल्ली की ओर रवाना हुए हैं। गांवों में गुरूद्वारों में भी दिल्ली जाने के लिए अनाउंसमेंट करवाई गई है।
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पगड़ी संभाल जट्टा भारतीय किसान संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष मनदीप नाथवान ने बताया कि दिल्ली के रामलीला ग्राउंड में केंद्र सरकार के खिलाफ रैली रखी गई है। इसमें शामिल होने के लिए अलग अलग वाहनों में किसान फतेहाबाद जिले से रवाना हुए हैं। उन्होंने कहा कि एमएसपी पर गारंटी कानून, बिजली बिल विधेयक 2020 वापस करवाने, किसानों के कर्ज माफ करने सहित कई मांगो को इस रैली में उठाया जाएगा और सरकार के खिलाफ फिर से आंदोलन तेज करने का फैसला लिया जाएगा।