वर्तमान में मनुष्य हर काम मशीनों से करने लगा है। साइकिल का स्थान बाइक ने ले लिया है। भागदौड़ भरी जिंदगी में मनुष्य के पास खुद के लिए भी समय नहीं है। जिसका उसके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। बढ़ते वाहनों के प्रचलन व लुप्त हो रही साइकिल को आज भी कई युवा जिंदगी का हिस्सा बनाए हुए हैं।
जिले में नहीं कोई साइकिल ट्रैक
अरुण मलिक बताते हैं कि जिले में कहीं पर भी साइकिल ट्रैक नहीं है। जो युवा साइकिल चलाने के क्षेत्र में जाना चाहते हैं, उन्हें अभ्यास करने के लिए दिल्ली दौड़ लगानी पड़ती है। उन्होंने साइकिल चलाने को बढ़ावा देने के लिए जिले में साइकिल ट्रैक बनाने की मांग की है। साथ ही कहा है कि सड़क किनारे साइकिल के लिए अलग से लेन बनानी चाहिए। साइकिल चलाने का प्रचलन बढ़ेगा तो हादसे भी कम होंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता जा रहा है, जिसे साइकिल का प्रयोग बढ़ाकर कम किया जा सकता है।
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन राकेश फौगाट ने साइकिल चलाने के बताए ये फायदे
आज निकाली जाएगी साइकिल यात्रा
अरुण मलिक ने बताया कि विश्व साइकिल दिवस पर शुक्रवार को 10 किलोमीटर की साइकिल यात्रा निकाली जाएगी। यह साइकिल यात्रा सेक्टर 23 से सुबह 7 बजे शुरू होगी। जो तिरंगा चौक, देवीलाल चौक, बस अड्डा, आईटीआई चौक होते हुए सेक्टर-23 पहुंचेगी। शहर में निकाली जाने वाली साइकिल यात्रा में करीब 100 युवा भाग लेंगे।
कृषि विभाग के अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुहाड़ दूसरों के लिए बन रहे मिसाल
सरकारी कार्यालयों में जहां सभी अधिकारी व कर्मचारी बाइक व कारों से कार्यालय पहुंचते हैं, वहीं कृषि विभाग के सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुहाड़ साइकिल पर कार्यालय पहुंचते हैं। मूलरूप से बड़वासनी फिलहाल सेक्टर 23 निवासी देवेंद्र कुहाड़ का कहना है कि साइकिल चलाने से पर्यावरण प्रदूषण नहीं होता साथ ही शरीर भी स्वस्थ्य रहता है।
डॉ. देवेंद्र कुहाड़ का कहना है कि उनका प्रयास रहता है कि वे जितना अधिक हो सके साइकिल का ही प्रयोग करें। बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए हमारा एक प्रयास स्थिति परिवर्तन कर सकता है। हमारा छोटा सा प्रयास आने वाली पीढ़ी को बेहतर भविष्य देने के लिए काफी है।
उन्होंने कहा कि बेटा राजस्थान के कोटा में पढ़ने गया था। वहां उसके पास रहने गया तो दिन में टाइम पास करने के लिए साइकिल चलाने लगा। जिसके बाद तो कोटा और उसके आसपास भ्रमण साइकिल से ही कर डाला। सोनीपत आते ही यहां भी साइकिल खरीद ली। इससे स्वास्थ्य में भी सुुधार हो गया और काफी ऊर्जावान महसूस करने लगा।