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56 एमएम बारिश में बह गए प्रशासनिक दावे, बिगड़े हालात

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रेलवे अंडरब्रिज के पास नंदी चौक पर भरे बारिश के पानी में बंद हुई स्कूटियों को धक्का मारकर ले जाते ? - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। शहर में शुक्रवार को हुई 56 एमएम बारिश ने शहर के हालात पूरी तरह बिगाड़ दिए। जिला प्रशासन के पानी निकासी के सभी दावे पानी में बह गए। शनि मंदिर अंडरब्रिज में 15 फुट पानी भरने से शहर दो भागों में बंट गया। शहर के अन्य रेलवे अंडर ब्रिज के नीचे भी जलभराव होने से विभिन्न मार्गों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ट्रैफिक व्यवस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार सुबह महलाना रोड से गोहाना रोड रेलवे ओवरब्रिज के साथ मामा-भांजा चौक तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही। करीब तीन किलोमीटर लंबे इस सड़क मार्ग पर लगे जाम से निकलने में वाहन चालकों को घंटों लग गए। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार बारिश के आसार लगातार बने हुए।
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जिले में वीरवार रात करीब दो बजे तेज हवाओं के साथ अधिकतर क्षेत्रों में बारिश हुई। बारिश का दौर शुक्रवार को भी जारी रहा। लोग सुबह उठे तो उन्हें शनि मंदिर रेलवे अंडर ब्रिज के नीचे जलभराव से जूझना पड़ा। अंडर ब्रिज का रास्ता बंद हो गया। रेलवे लाइन पार करने के लिए वाहन चालक गोहाना रोड फाटक पर रेलवे ओवरब्रिज पर पहुंच गए। यही नहीं ककरोई चौक की तरफ से रेलवे ओवरब्रिज के नीचे का रास्ता वन-वे होने से एक ही तरफ से वाहन चालक रेलवे ओवरब्रिज पर चढ़ने का प्रयास करते रहे। इससे जाम की स्थिति बनी रही। शहर के मुरथल रोड, पुरखास रोड, शनि मंदिर रोड सहित अन्य मार्गों पर भी जाम की स्थिति रही।
पानी के बीच बंद हो गए वाहन
बारिश के बीच सड़कों पर कई फुट पानी भरने से वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। बारिश के बीच में कई वाहन बंद हो गए। वाहन चालकों ने लोगों की सहायता से वाहनों को धक्का मारकर सड़क किनारे करवाया। विभिन्न मार्गों पर इसी तरह की स्थिति बनी रही। जाम में फंसे वाहन चालक और लोग प्रशासनिक व्यवस्था को कोसते रहे।
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कहां कितनी हुई बारिश
ब्लॉक बारिश
सोनीपत 56 एमएम
गन्नौर 35 एमएम
गोहाना 64 एमएम
खरखौदा 08 एमएम
खानपुर कलां 32 एमएम
राई 06 एमएम
कपास व बाजरे की फसल हो सकती है खराब
जिले में कई दिनों से हो रही बारिश से कपास और बाजरे की खेती पर भी खतरा मंडराने लगा है। विशेषज्ञों के अनुसार अधिक बारिश से कपास व बाजरे की फसल नष्ट हो सकती है। इससे पहले अगस्त में हुई बारिश के कारण करीब सात हजार एकड़ भूमि में उगाई गई कपास की फसल प्रभावित हुई थी। मौजूदा समय में बाजरा भी पककर तैयार होने की स्थिति में पहुंच गया है। शुक्रवार को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के कारण ज्वार की फसल भी खेतों में बिछ गई है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से आह्वान किया है कि वे कपास व बाजरे की फसल में जलभराव न होने दें। जिले में खरीफ सीजन में करीब 1.17 लाख हेक्टेयर भूमि में विभिन्न प्रकार की फसलें उगाई गई हैं। लगातार हो रही बारिश से 90 हजार हेक्टेयर में उगी धान की फसल को फायदा पहुंच रहा है।
वर्जन
दिल्ली-एनसीआर में अभी मानसून सक्रिय है। शुक्रवार को भी तेज हवाओं के साथ बारिश होने से बाजरा-कपास जैसी फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ा है। कृषि विभाग परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है और किसानों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दे रहा है।
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- डॉ. अनिल सहरावत, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत।
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