फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूक्रेन से 24 और विद्यार्थियों की हुई घर वापसी, 28 के जल्द आने की उम्मीद

विज्ञापन
यूक्रेन गए विद्यार्थी के परिजन से बातचीत करतीं एसडीएम शशी वसुंधरा। संवाद - फोटो : Sonipat
विज्ञापन
यूक्रेन से जिले के 24 और विद्यार्थियों की घर वापसी हुई है। जिसके परिजनों ने राहत की सांस ली है। हालांकि यूक्रेन के बिगड़ते हालात के बीच अभी भी 28 विद्यार्थी फंसे हुए है। इनमें से भी कुछ विद्यार्थी रोमानिया, हंगरी व पोलैंड बॉर्डर पर पहुंच चुके हैं। हालांकि कुछ विद्यार्थी अभी भी खतरे वाले स्थानों पर फंसे हुए हैं। इनमें से एक दीपालपुर निवासी मानसी जांगड़ा भी है। जिन्हें भारतीय दूतावास की तरफ से दो दिनों में अभी तक किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली है। वे विद्यार्थी निकलने के लिए खुद ही प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन

यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गए सोनीपत के कुल 106 विद्यार्थियों में से अब तक 78 विद्यार्थियों को सकुशल घर वापस लाया जा चुका है। अन्य 28 विद्यार्थियों की भी जल्द वापसी के लिए जिला प्रशासन राज्य व केंद्र सरकार से लगातार संपर्क में है। उपायुक्त ललित सिवाच ने विद्यार्थियों के परिजनों को आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार व जिला प्रशासन सभी विद्यार्थियों की वापसी के लिए बेहतर तरीके से काम कर रहा है। इसलिए विद्यार्थियों की घर वापसी को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। केन्द्र व राज्य सरकार ऑपरेशन गंगा के तहत विद्यार्थियों की वापसी के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है।
विद्यार्थियों की सकुशल घर वापसी प्राथमिकता
उपायुक्त ललित सिवाच ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि जिले के विद्यार्थियों को सकुशल घर वापस लाया जाए। इसके लिए टीम के रूप में कड़े प्रयास किये गये। उपमंडल स्तर पर भी विद्यार्थियों की अलग-अलग सूची तैयार की गई। सूची में शामिल विद्यार्थियों के अभिभावकों के पास आला अधिकारियों को भेजा गया है।
विज्ञापन

दो दिन भूखे-प्यासे रोमानिया बॉर्डर पर ही फंसे रहे
यूक्रेन से शुक्रवार को अपने घर खरखौदा लौटे इंद्रवेश का कहना है कि जैसे ही यूक्रेन पर रूसी हमला हुआ तो लगा था कि शायद अब वह कभी अपने देश नहीं लौट सकेगा। परिजनों ने हौसला दिया तो हिम्मत जुटाकर वापसी के प्रयास शुरू किए। खरखौदा के वार्ड-1 निवासी इंद्रवेश का कहना है कि वह यूक्रेन की लवानो फ्रेंकविश मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रहा है। युद्ध में हमलों के बीच एक बार तो उसे लगने लगा था कि वह अब नहीं बच पाएगा, लेकिन 25 फरवरी को रोमानिया बॉर्डर का उसने रुख किया। जहां काफी तकलीफों को सामना करना पड़ा। दो दिन व रात उन्हें भूखे-प्यासे रोमानिया बॉर्डर पर गुजारने पड़े। आग जलाकर उन्होंने समय बिताया, किसी प्रकार से दो दिन बाद जब यूक्रेन से रोमानिया में प्रवेश किया तो उन्होंने चैन की सांस ली। वहां पर शेल्टर में रहकर आराम किया और वहीं पर उन्हें खाना-पीना मुहैया करवाया गया। शुक्रवार की सुबह वह दिल्ली पहुंचा। जहां पहले से परिवार के सदस्य उसका इंतजार करते मिले।
यूनिवर्सिटी ने पहुंचाया बॉर्डर, दूतावास ने किया सहयोग
शुक्रवार को घर लौटे खरखौदा के निवासी सचिन व खरखौदा के गांव सिसाना निवासी विपुल ने बताया कि वे इवानो मेडिकल यूनिवर्सिटी में तृतीय वर्ष में पढ़ते हैं। रूस के यूक्रेन पर हमला करने के दौरान 24 फरवरी को इवानो हवाई अड्डे पर ब्लास्ट किया था। उसके बाद 26 फरवरी को यूनिवर्सिटी की तरफ से उन्हें रोमानिया बॉर्डर ले जाया गया। जहां पहले से ही हजारों विद्यार्थी व यूक्रेनी नागरिक रुके हुए थे। रोमानिया बॉर्डर पार करने में दो दिन का समय लग गया। उसके बाद भारतीय दूतावास के सदस्यों की सहायता से वे अपने वतन वापस लौट सके। वतन वापसी में भारतीय दूतावास की तरफ से हर तरह का सहयोग किया गया।
यूक्रेन से सोनीपत के विद्यार्थियों की सुरक्षित घर वापसी के लिए जिला प्रशासन दिन-रात कड़ी मेहनत कर रहा है। ताकि जल्द से जल्द विद्यार्थियों की घर वापसी हो सके। वीरवार देर रात को भी कई फ्लाइट यूक्रेन से विद्यार्थियों को लेकर भारत पहुंची हैं। जिनमें जिले के 24 विद्यार्थियों की घर वापसी हुई है। अन्य विद्यार्थियों को भी सकुशल लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ललित सिवाच, उपायुक्त, सोनीपत।

यूक्रेन से लौटे विद्यार्थियों से बातचीत करतीं एसडीएम शशी वसुंधरा। संवाद- फोटो : Sonipat

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें