यूक्रेन पर रूस ने गुरुवार को हमला कर दिया। इसमें इंडिया के बड़ी संख्या में छात्र और नागरिक फस गए है। लेकिन हमले से केवल दो दिन पहले इंडिया से गई एक मात्र सुरक्षित लौटने वाली छात्राओं ने अपने आप को बेहद किस्मत वाला बताया। जरा सी भी देर होती तो आज दोनों छात्राएं इंडिया में अपने घर नहीं बल्कि यूक्रेन में युद्ध की स्थिति झेल रही होती। हम बात कर रहे है यूक्रेन से स्वदेश लौटी हरियाणा के सिरसा शहर के एमसी कॉलोनी निवासी खुशी और गुरुनानक नगर निवासी मन्नूरीत की। घर लौटकर खुशी और मां मोनिका ने अपनी स्थिति बया की।
बुधवार देर रात को एमसी कॉलोनी निवासी एडवोकेट मोनिका की बेटी खुशी यूक्रेन से अपने घर पहुंची। खुशी को लेने के लिए मां मोनिका अपने परिवार सहित दिल्ली एयरपोर्ट पर पहले ही पहुंच गई थी। यूक्रेन से सुरक्षित घर लौटने पर परिवार के सदस्य अपनी प्रसन्नता जाहिर कर रहे हैं और उन्हें अपनी खुशी बयां करने के लिए शब्द भी नहीं मिल रहे हैं।
महिला वकील मोनिका ने बताया कि उनकी बेटी खुशी यूक्रेन की लवीब यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। यूक्रेन और रूस के बीच जैसे ही युद्ध की आशंका बनी तो उन्होंने वापस लौटने की सलाह दी। 22 फरवरी को भारत से एक मात्र विमान यूक्रेन पहुंचा। किस्मत से मां ने बेटी की पहली ही टिकट बुक कर ली थी। फ्लाइट तीन घंटे लेट थी।
खुशी बताती है कि इन तीन घंटे को एक-एक पल महसूस किया है। खैर जो भी हो अब सुरक्षित अपने घर आ गई है। खुशी ने बताया कि उसके साथ उसकी सहपाठी गुरुनानक नगर निवासी मन्नूरीत भी उसके साथ वापस आई है।
टेकऑफ होने तक मन में बना रहा संशय, कहीं रद्द न हो जाए उड़ान
बेशक घर ले जाने के लिए फ्लाइट आ चुकी थी लेकिन यूक्रेन के एयरपोर्ट पर विमान डेढ़ घंटे तक खड़ा रहा। जब तक विमान टेकऑफ नहीं हो गया तब तक हमारे मन में तरह तरह की आशंकाएं जन्म लेती रहीं की कहीं उड़ान ही रद्द न हो जाए। इस विमान में भारत के 246 यात्री सवार थे और सभी भगवान से प्रार्थना कर रहे थे कि यह जल्द से जल्द उड़ान भरे। विमान में बैठने के दौरान वह लगातार अपने परिवार के सदस्यों के संपर्क में रही। परिवार के सदस्यों में भी यह डर बना रहा कि उड़ान रद्द होने से वह कहीं वहीं पर रह न जाए।
घर पर पहुंचकर साथियों को किया फोन तो मिला ब्लैैक आउट और इंटरनेट बंद होने की जानकारी
खुशी ने बताया कि जब उन्होंने यूक्रेन में अपने साथियों को फोन कर जानकारी ली तो वहां पर ब्लैक आउट होने व इंटरनेट सेवा बंद होने की जानकारी मिली। वहीं उन्होंने बताया कि उसके कई साथी अभी यू्क्रेन की लवीब यूनिवर्सिटी में मेडिकल की स्टूडेंट है।
जब उसने वहां के हॉस्टल में रह रहे साथियों से पूछताछ तो उन्होंने खाने और पीने का सामान न होने की जानकारी दी है। उन्होंने बातचीत के दौरान बताया कि पीने के पानी तक के लिए उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मां बोली- बाद की फ्लाइट की टिकट भी कर दी थी दो गुणा
वहीं खुशी की मां मोनिका ने बताया कि उन्हें वापस बुलाने के लिए वह कई दिनों से प्रयास कर रही है। इसके लिए उन्होंने पहली ही फ्लाइट में बुकिंग कर दी थी। जिसका करीब उन्हें 30 हजार का खर्च आया। लेकिन इसके बाद की जो भी फ्लाइट यूक्रेन में गई उसके टिकट के रेट भी दो गुणा हो गए।
वहीं उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से भी इस पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया। अगर सरकार की ओर से एडवाइजरी जल्द जारी की जाती तो इंडिया के सभी नागरिक वापस लौट आते। लेकिन अब रूस की ओर से एयरपोर्ट और अन्य स्थानों पर बमबारी कर दी गई है। जिसके कारण अब कोई अन्य नागरिक वहां से वापस नहीं लौट सकता।
हरियाणा के काफी संख्या में फंसे हुए हैं नागरिक
वहीं खुशी ने बताया कि हरियाणा के भिवानी के करीब 60, करनाल, हिसार और अन्य राज्यों के नागरिक उनके साथ वापस लौटे हैं। राजस्थान सरकार की ओर से अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए अधिकारी तैनात किए गए थे लेकिन हरियाणा सरकार की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं की गई। वहीं उन्होंने बताया कि सिरसा की ही एक अन्य सहपाठी यूक्रेन में ही फंसी हुई है। जबकि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों के नागरिकों को उनकी सरकार ने करीब दो माह पहले ही वहां से वापस बुला लिया था।