सिरसा। कॉलेज और स्कूल शुरू होने के बाद बसों में अब विद्यार्थियों की आवाजाही भी बढ़नी शुरू हो चुकी है। बसों में भीड़ अधिक होने के कारण यात्रियों को इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बसों की कमी के कारण रोडवेज की ओर से लॉकल रूटों पर फेरे भी कम किए गए हैं। जिसके कारण दूसरी बसों में यात्रियों की संख्या अधिक बढ़ जाती है। भीड़ बढ़ने के कारण यात्री और छात्र बस की खिड़की से बस में प्रवेश करने को मजबूर हो रहे हैं।
जिला प्रशासन की ओर से ली गई रोडवेज की 15 बसों में से प्रशासन ने 11 बसों को वापस बस स्टैंड भेज दिया है। चार बसें अभी भी जिला प्रशासन के पास हैं। जिस कारण इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। मंगलवार को बस में पैर रखने तक की जगह न मिलने के कारण रोष प्रकट करते हुए सिरसा से ममड़ रूट के छात्र नई बस चलवाने के लिए बस स्टैंड इंचार्ज से मिलने के लिए पहुंचे। छात्रों ने अपनी समस्या सुनाई तो बस स्टैंड इंचार्ज ने उन्हें कुछ देर में बस आने का आश्वासन देकर वापस भेज दिया। जिसके बाद बस स्टैंड इंचार्ज रतन लाल ने स्पेशल बस मंगवा छात्रों को बस में सवार करवा दिया। लेकिन स्पेशल चली बस में भी यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण कई छात्र बस में लटकने को मजबूर हो गए। जबकि कई छात्र खिड़की से बस में प्रवेश करते हुए दिखाई दिए। हालांकि छात्रों की ओर से पहले भी कई बार अधिकारियों को इस संबंध में शिकायत दी गई थी। लेकिन इसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
ममड़ रूट की बस में सवार होने के लिए हर रोज रहती है मारामारी
सिरसा से ममड़ रूट पर चलने वाली बस में करीब 10 गांवों के विद्यार्थी सवार होकर सिरसा के कॉलेज और स्कूलों में पहुंचते है। कई बसों के रूट मिस होने और विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के चलते इस रूट पर हर रोज बस में सवार होने के लिए विद्यार्थियों में मारा मारी होती है। हालांकि इस रूट पर छात्र बस की खिड़की में लटक कर भी सफर करने को मजबूर होते हैं। जिसके कारण कभी भी बड़ी घटना होने का डर बना रहता है। वहीं छात्र दीपक, राजेश, संदीप, सुरेश और नवी ने बताया कि कई बार अधिकारियों को शिकायत दे चुके हैं लेकिन समस्या का हल नहीं हो पा रहा।
छात्राओं के लिए नहीं चल रही कोई भी स्पेशल बस
कॉलेज शुरू होने के बाद गांवों की छात्राएं भी बसों में सफर कर रही है। लेकिन छात्राओं के लिए अभी तक कोई भी स्पेशल बस का संचालन नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण उन्हें भी भीड़ वाली बस में सफर करने को मजबूर होना पड़ता है।
उपचुनाव के चलते रोडवेज की कई बसें प्रशासन के पास थी। जिसके बाद अब वह बसें मिल गई हैं। कई रूटों के फेरे मिस होने पर उन रूटों में अब सुधार किया जा रहा है। कई रूटों पर स्पेशल बसों को भी रवाना किया जा रहा है। सिरसा से ममड़ रूट पर भी स्पेशल बस को रवाना किया गया है।
-रतन लाल, बस स्टैंड इंचार्ज, डिपो सिरसा ।
बस में चढ़ने की जगह न मिलने के कारण खिड़की से बस में प्रवेश करता छात्र। - फोटो : Sirsa