बस स्टैंड पर बस का इंतजार करते यात्री।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। ऐलनाबाद उपचुनाव के चलते प्रशासन के आदेशों पर रोडवेज ने पुलिस कंपनियों के आवागमन के लिए 35 बसें प्रशासन को सौंपी है। जिसके कारण ग्रामीणों रूटों पर बसों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। सभी रूटों को चलाने के लिए रोडवेज की ओर से कई रूटों पर बसों के फेरे कम किए गए हैं। जिसके कारण यात्रियों को घंटों बस स्टैंड पर इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं निजी बस चालकों ने भी मनमानी करते हुए फेरे कम कर दिए हैं।
रोडवेज के पास पहले ही बसों की कमी है। जिस कारण यात्रियों को परेशान होना पड़ता था। ऐसे में अब 35 बसों के कम होने पर यात्रियों की परेशानी पहले से अधिक बढ़ गई है। सिरसा डिपो के पास किलोमीटर स्कीम सहित कुल 132 बसें है जिनका संचालन 122 रूटों पर किया जाता है। लेकिन इनमें से 35 बसों को जिला प्रशासन को सौंपे जाने के बाद रोडवेज के पास अब कुल 98 बसें ही रही है। वहीं रोडवेज ने 70 चालक भी सुरक्षाबलों को के लाने और ले जाने के लिए बसों पर तैनात किए है। ऐसे में रोडवेज के पास चालकों सहित बसों की कमी हो गई है। जिसके कारण रूटों पर अब बसों का समय पर संचालन नहीं हो पा रहा।
निजी बस संचालकों ने भी घटाए फेरे
निजी बस संचालकों की ओर से भी बसों के फेरों को कम किया गया है। बसों के फेरे कम होने के कारण ग्रामीण रूटों के यात्रियों को परेशानी बढ़ी है। सिरसा सहकारी समिति की कुल 95 बसें सिरसा और डबवाली से अलग-अलग रूटों पर चलती हैं। लेकिन निजी बस संचालकों ने मनमानी करते हुए बसों के फेरे कम कर दिए है। रूट मिस होने के कारण यात्री निजी और अन्य वाहनों का सहारा ले रहे हैं।
जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा बलों को लाने व ले जाने के लिए 35 बसों की मांग की गई थी। जिसके बाद बसें और 70 चालकों को इस काम के लिए नियुक्त कर दिया गया था। रूटों पर निरंतर बसों का संचालन किया जा रहा है। जिन रूटों में यात्रियों की कमी है वहां पर बसों के फेरे कम किए गए हैं।
-रतन लाल, बस स्टैंड इंचार्ज, सिरसा डिपो