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लापता मनोज मोंगा की लोकेशन मिली अमृतसर में

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घर से लापता हुए युवक द्वारा एकत्र किए गए दस्तावेजों को दिखाते युवक की परिजन - फोटो : Sirsa
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सिरसा। फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये का टैक्स चोरी करने मामले में गायब मनोज की लोकेशन अमृतसर की मिली है। अभी पुलिस इस मामले में मनोज का मिलने का इंतजार कर रही है। उसके बाद ही मामले की परतें खुलेंगी।
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बता दें कि मनोज के पिता और बहन के नाम पर भी तीन साल पहले अकाउंट खोला गया था। जिसमें अब तक करोड़ों रुपयों का लेनदेन हो चुका है। लेकिन बैंक में अकाउंट होने की जानकारी उनके पिता और बहन को भी नहीं है। वर्ष 2019 में खोले गए बैंक अकाउंट में अब तक करोड़ों का लेनदेन किया जा चुका है। लेनदेन करने वालों की जानकारी मनोज के वापस लौटने के बाद ही मिल पाएगी।
30 अगस्त को घर से गायब हुए गुरुतेग बहादुर कॉलोनी निवासी मनोज मोंगा ने तीन लोगों पर उसके नाम से फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये का टैक्स चोरी करने के आरोप लगाए थे। जिसके बाद उनके परिजनों ने जेजे कॉलोनी में तीनों आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी थी और पुलिस ने मनोज को आत्महत्या करने के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। जिसके बाद बीते दिन शनिवार को मनोज मोंगा ने घर पर फोन कर ठीक होने की जानकारी दी थी और जल्द ही वापस आने की बात कहीं थी। लेकिन इसके बाद से उसका दोबारा से फोन नहीं मिल पाया है। पुलिस ने फोन की लोकेशन की जांच की तो लोकेशन अमृतसर की पाई गई है। इससे पहले मनोज मोंगा ने अपने दोस्त के व्हाट्स एप पर सुसाइड नोट लिखकर डाला था। शनिवार को आए फोन से मनोज के परिवार को राहत की सांस ली है।
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तीन वर्ष पहले खोला भा बहन और पिता के नाम पर केनरा बैंक में अकाउंट
तीन वर्ष पहले मनोज मोंगा के पिता भूषण मोंगा और बहन बबीता के नाम पर अकाउंट खोला गया था। जबकि इस अकाउंट की दोनों को जानकारी तक नहीं थी । अकाउंट में चैक और ऑनलाइन से करोड़ों का लेनदेन भी किया हुआ है। जबकि अकाउंट खुलने के बाद लेनदेन के लिए उपभोक्ता के हस्ताक्षर होना जरूरी होता है। मनोज मोंगा की बहन बबीता ने बताया कि खाता खोलने के लिए न तो उनके हस्ताक्षर लिए गए औ न ही लेनदेन संबंधित कोई जानकारी है। भाई का सुसाइड नोट मिलने के बाद जब उन्होंने उसके बैग की जांच की तो कई बैंक अकाउंट की कापियां उसके बैग में मिली है इनमें से कई कापियां फाड़ रखी और कुछ कापियां पड़ी है। उन्होंने कहा कि मनोज ने भी सुसाइड नोट में दो के नाम लिखे है और एक अन्य युवक का नाम उसे फर्जी फर्म मामले में फंसाने में दिया है।
मनोज द्वारा फोन कर ठीक होने की सूचना परिजनों को दी गई थी। जिसके बाद लोकेशन अमृतसर की दिखाई गई है। मनोज के वापस लौटने के बाद ही इस मामले की जांच को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
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-मुकेश कुमार, जांच अधिकारी, जेजे कॉलोनी चौकी सिरसा
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