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शिकायतकर्ता को छोड़ आरोपी पक्ष को सुना, कोई बीच में बोला तो करवा दिया चुप

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सिरसा कष्ट निवारण समिति की बैठक में आम जन की शिकायत सुनते शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्त? - फोटो : Sirsa
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सिरसा। सोमवार को पंचायत भवन में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक का आयोजन किया। बैठक की अध्यक्षता करने शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता आए और उन्होंने शिकायतें सुनी। इस दौरान पहली बार ऐसा हुआ जब शिकायतकर्ता को छोड़ आरोपी पक्ष को सुना गया। इतना ही नहीं नई शिकायतें लेकर आने वालों को भी मुख्य गेट के बाहर ही रोक दिया गया। अधिकारी भी रिलेक्स मूड में नजर आए। बैठक में 11 पुरानी जबकि 5 नई शिकायतें एजेंडे में शामिल की गई। इसमें से 10 शिकायतों को फाइल कर दिया गया।
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बैठक शुरू होते ही शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता के समक्ष अव्यवस्थाएं नजर आईं। जहां एक ओर शिकायतकर्ताओं की भीड़ आगे आ गई तो दूसरी ओर बैठक शुरू होते ही बिजली का कट लग गया और लाइट गुल हो गई। डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि अधिकारी अपनी कार्य प्रणाली इस तरह से बनाएं कि आमजन को शिकायत करने की नौबत ही न आए। सरकार का प्रयास रहता है कि आमजन की शिकायतों का निपटान जल्द हो, लेकिन यदि बिना शिकायत के ही काम हो जाए तो वह और भी बेहतर होता है। उपायुक्त अजय सिंह तोमर, पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन, अतिरिक्त उपायुक्त राहुल हुड्डा, नगर आयुक्त नेहा सिंह, एसडीएम जयवीर यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य देवीलाल, प्रदीप रातुसरिया, शीशपाल कंबोज, निताशा सिहाग, अमीरचंद मेहता भी उपस्थित रहे।
बैठक लाइव: मुख्य बिंदू
आरोपी को सुन कर दी गई खानापूर्ति
-पहली शिकायत रामकुमार निवासी रूपाणा गंजा की आई। उन्होंने अपनी नाबालिग पोती सोनू की हत्या मामले को लेकर शिकायत कर रखी थी, लेकिन बीमार होने के कारण उन्होंने अपनी जगह किसी और को भेजा। लेकिन उसे पीछे कर दिया गया। जबकि आरोपी पक्ष माइक के सामने आ खड़ा हुआ। कष्ट निवारण समिति का नियम है कि केवल उसी का पक्ष सुना जाता है, जिसकी ओर से शिकायत आई हो, जबकि दूसरे पक्ष को यहां सुनवाई और अपना पक्ष रखने का हक नहीं है। लेकिन इसके बावजूद आरोपी पक्ष, जिसके खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज है, उनका पक्ष सुना गया। सुनवाई की खानापूर्ति कर पेंडिंग रख दिया गया।
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- 3 नंबर की शिकायत रिछपाल सिंह निवासी गांव कोटली की थी। लेकिन यहां भी ऐसा ही हुआ। शिकायतकर्ता को अपनी बात रखने के लिए केवल एक मिनट का समय दिया गया जबकि आरोपी पक्ष की पूरी बात सुनी गई।
- 7 नंबर शिकायत नीटू कुमार निवासी विजय डेयरी वाली की थी। उन्होंने जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए ट्यूबवेल में नकली तार लगाए जाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस जांच ठीक कर रही है लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसे भी रूटीन के तहत सुना गया और रिकॉर्ड की जानकारी देने के आदेश विभाग को दिए।
- शिकायत नंबर 9 अमित कुमार निवासी कीर्ति नगर की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि तीन माह की बेटी को एक्सपायरी डेट की दवा दे दी गई। इस पर सिविल सर्जन ने बताया कि जांच हो चुकी है, ऐसा कुछ नहीं मिला। इसलिए इस शिकायत को भी फाइल कर दिया गया लेकिन साथ ही मंत्री ने कहा कि यदि वाकई लापरवाही हुई है तो कार्रवाई होनी चाहिए। बेशक, कोई शिकायतकर्ता अपनी शिकायत वापस ले ले।
- शिकायत नंबर 11 वेद प्रकाश की थी। बैंक पर आरोप था कि नाजायज रूप से करीब 40 हजार रुपये काट लिए। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को लताड़ा। साथ ही आदेश दिए कि बाहर ही आपस में बैठकर निपटारा कर लें अन्यथा अगली बार एक्शन लिया जाएगा।
- नई शिकायतों में 3 नंबर शिकायत रमेश पुरी निवासी खन्ना कॉलोनी की सुनी गई। शिकायतकर्ता अपनी बात को विस्तार से बताने लगा तो मंत्री और डीसी नाराज हो गए। साथ ही जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द उपलब्ध करवाए जाने के आदेश दिए। इतना ही नहीं सीएम विंडो पर नकली हस्ताक्षर करने की शिकायत की भी रिपोर्ट मांगी।
- बैठक के दौरान कमेटी सदस्य शीशपाल कंबोज स्थानीय समस्या के बारे में जब बोलने लगे तो इस पर मंत्री गुप्ता ने उन्हें तुरंत चुप करवा दिया। यह कहते हुए बैठा दिया कि जब आपकी बारी आए तब इसके बारे में बताया।
सभी की सुनी है शिकायत, वैसे ये खुला दरबार नहीं था : कमल गुप्ता
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि शिकायतें सभी की सुनी गई है और नई शिकायतें भी आई हैं। एक सवाल आया कि नई शिकायतें लेकर आने वाले अधिकतर लोगों को मुख्य गेट पर ही रोक दिया गया है, इस पर मंत्री गुप्ता ने कहा कि ये खुला दरबार नहीं था, बल्कि बैठक थी।

सिरसा कष्ट निवारण समिति की बैठक में अपनी बात सुनाते समय भावुक हुई महिला।- फोटो : Sirsa

सिरसा कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान शिकायत कर्ता को हटाती पुलिस कर्मचारी।- फोटो : Sirsa

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