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पेट्रोल पंप दिलवाने के नाम पर 66 हजार रुपये की धोखाधड़ी, पुलिस ने तीन के खिलाफ मामला किया दर्ज

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सिरसा। शहर के पुरानी कमेटी वाली गली निवासी एक व्यक्ति से पेट्रोल पंप दिलाने के नाम पर 66 हजार रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयान पर गुरुग्राम के तीन लोगों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस को दिए बयान में पुरानी कमेटी वाली गली निवासी हेमंत सोनी ने बताया कि जून माह में उसका संपर्क अजीत सिंह निवासी लोहियाबाड़ा मोहल्ला नजदीक जैन मंदिर सोहना गुरुग्राम से हुआ। हेमंत सोनी ने अजीत सिंह को बताया कि उसे पेट्रोल पंप की आवश्यकता है। जिस पर हेमंत सोनी ने बोला कि फूफा प्रदीप कुमार इंडियन ऑयल रिफाइनरी पानीपत में मेन पोस्ट पर लगे हुए हैं। अजीत सिंह ने हेमंत सोनी को आश्वस्त किया कि आपका कोई खर्च भी नहीं होने दिया जाएगा। हेमंत सोनी ने बताया कि अजीत वर्मा से उसका संपर्क उसके रिश्तेदार दिनेश कुमार, महीपाल निवासी नजदीक पुष्पा कॉम्प्लेक्स हिसार के माध्यम से हुआ है। दिनेश कुमार महीपाल गुरुग्राम में नौकरी करता है। रिश्तेदार के मध्यस्थ होने के कारण अजीत वर्मा पर पूरा विश्वास हो गया।
बातचीत के बाद अजीत कुमार वर्मा ने 8 जून 2021 को पेट्रोल पंप इंडियन ऑयल की रिफंडेबल सिक्योरिटी के बारे में हेमंत सोनी के खाते से 33,000 रुपये जमा करवा लिए। 2 जुलाई 2021 को फिर से अजीत वर्मा ने रिफंडेबल सिक्योरिटी की एवज में उससे 33,000 जमा करवा लिए। इसके बाद अजीत वर्मा ने पेट्रोल पंप संबंधी हेमंत सोनी के पास दो फार्म कोरियर से भेजे, जिसको 28 जुलाई को भरकर अजीत कुमार वर्मा के पास वापस भेज दिया गया। हेमंत सोनी ने बताया कि 8 सितंबर 2021 को अजीत कुमार वर्मा ने व्हाट्सएप पर मेसेज किया कि मुझे आपके फॉर्म मिल गए हैं और सर्वे की तारीख 22 सितंबर 2021 तय हो गई है। जिसमें सुनील कुमार व आदित्य कुमार आपकी जगह की सर्वे करने आएंगे।
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अपने दोस्तों को सर्वेयर बनाकर अजीत सिंह पहुंचा था सिरसा
वहीं शिकायतकर्ता ने बताया कि 23 सितंबर 2021 को अजीत कुमार वर्मा ने संपर्क किया कि हम सर्वेयर को अपने साथ लेकर सिरसा पहुंचने वाले हैं। हेमंत सोनी ने बताया कि जिस पर उन्होंने उसे दिल्ली पुलिया के पास मिलने के लिए बुलाया। शाम करीब 5 बजे अजीत कुमार वर्मा अपने दो अन्य साथियों के साथ अजीत वर्मा से दिल्ली पुलिया पर मिले। अजीत वर्मा ने हेमंत सोनी को सर्वेयर टीम को 10 लाख रुपये देने की बात कही। बार-बार रुपये की मांग करने हेमंत को अजीत पर शक हुआ तो उसने अपने दोस्तों को भी दिल्ली पुलिया पर बुला लिया। जब सर्वेयरों से पूछताछ की तो पता चला कि उक्त तीनों सर्वेयर टीम के सदस्य नहीं हैं। बल्कि अजीत कुमार वर्मा के सहयोगी सुनील कुमार सैनी उर्फ कालू निवासी आर्यपुरी गुरुग्राम व हुक्म चंद निवासी आर्यपुरी गंगा बिहार गुरुग्राम हैं। जिसके बाद उसने उक्त मामले की शिकायत पुलिस को दी और अजीत कुमार वर्मा, सुनील सैनी व हुक्मचंद द्वारा पेट्रोल पंप दिलवाने के बहाने फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए। वहीं पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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