सिरसा। डीएपी के 40 हजार बैग का रेक लगने के बाद किसानों को पहले से कुछ राहत मिली है। अलसुबह से ही केंद्रों पर किसान कतार में लग गए। दोपहर बाद कई केंद्रों पर पहुंचा हुआ स्टॉक खत्म हो गया। जिसके कारण किसानों को खाली हाथ भी वापस लौटना पड़ा। दिनभर किसानों की केंद्रों के समक्ष भीड़ लगी रही। इस दौरान कई केंद्रों पर किसानों को तीन तो कई किसानों को पांच बैग वितरित किए गए। दिनभर लगभग 20 हजार डीएपी के बैगों का वितरण हुआ है।
किसानों की ओर से गेहूं बिजाई का कार्य किया जा रहा है। किसान खाद लेने के लिए गोदामों के सामने सुबह 5 बजे ही आकर लाइन में खड़े हो जाते हैं। किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो और सही से खाद का वितरण हो इसलिए दुकानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। जोकि किसानों को एक-एक कर दुकान के अंदर जाने व पंजीकरण करवाने में सहायता करते हैं। अधिक भीड़ लगी होने के चलते निजी दुकान संचालकों ने दुकान में जाने वाले रास्ते को संकरा कर दिया है ताकि एक बार में एक किसान ही अंदर प्रवेश कर सके।
एक दिन पहले दिया जाता है टोकन, दूसरे दिन खाद
खाद लेने के पहुंच रहे किसानों को पांच बैग प्रति एक आधार कार्ड पर दिए जाते हैं। किसान पहले दिन लाइन में लगकर खाद लेने के लिए टोकन कटवाता है व दूसरे दिन सुबह नौ बजे टोकन देकर किसानों को खाद का स्टॉक दिया जाता है।
अलग-अलग केंद्रों पर पहुंचाया गया था स्टॉक, दोपहर बाद हुआ खत्म
किसानों को सुविधा देने के लिए मंडी में स्थित अलग-अलग 15 दुकानों पर वितरण कार्य किया गया। दिनभर करीब 20 हजार बैगों का वितरण किया गया है। ऐसे में कई दुकानों पर दोपहर बाद स्टॉक खत्म हो गया तो किसान दूसरी दुकान पर पहुंचकर लाइन में लगना शुरू हो गए। लेकिन इसके बाद भी किसानों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।
किसानों को डीएपी खाद का वितरण किया जा रहा है। मंगलवार को भी खाद का वितरण किया जाएगा। किसानों को सुविधा देने के लिए अलग-अलग वितरण केंद्रों पर डीएपी खाद बांटी जा रही है।
-सुखदेव सिंह, क्वालिटी कंट्रोलर, कृषि अधिकारी।
डीएपी लेने के लिए दुकान के बाहर बैठकर इंतजार करते किसान- फोटो : Sirsa