सिरसा। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शहर के हिसार रोड स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल यानी डीपीएस में पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान डीएसपी आर्यन चौधरी और ट्रैफिक एसएचओ बहादुर सिंह ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, यातायात नियमों का पालन करने और साइबर क्राइम से बचने के लिए पाठ पढ़ाया। इस दौरान ने विद्यार्थियों ने सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं को भी शांत किया।
डीपीएस में स्कूल की निदेशक रमा दहिया और सचिव नवनीत जैन के प्रयासों से सोमवार सुबह अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम हुआ। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में डीएसपी हेडक्वार्टर आर्यन चौधरी शामिल हुए। मुख्य वक्ता आर्यन चौधरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और विद्यार्थी जीवनकाल के दौरान जो सीखते हैं वह जीवनभर उनके काम आता है। इसी से आने वाले समय में समाज की दिशा तय होती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी मेहनत करके पहचान बनाएं। वे पढ़ाई, खेल और अन्य क्षेत्रों में भी मेहनत करके उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि विद्यार्थी साइबर क्राइम को लेकर सतर्क रहें। क्योंकि आजकल हर बच्चे के हाथ में मोबाइल है। डीएसपी आर्यन चौधरी ने कहा कि इस उम्र में विद्यार्थी नशे की चपेट में जल्द आता है, इसलिए सतर्क और जागरूक रहना जरूरी है। किसी के भी बहकावे में विद्यार्थी कतई ना आएं और पढ़ाई पर ही फोकस रखें। आजकल साइबर क्राइम करने वाले विद्यार्थियों की फिशिंग करते हैं और उन्हें अपने जाल में फंसाते हैं। लालच देने के लिए अनजान लोगों की कॉल आती है या अन्य तरीकों से ऑफर देकर लालच दिया जाता है। किसी को भी मोबाइल पर आया हुआ ओटीपी शेयर ना करें। डीएसपी ने कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया का प्रयोग ड्रग्स और शराब, अफीम जैसे नशा से भी खतरनाक है। इस दौरान विद्यार्थी ऋषभ और कशिश सहित अन्य विद्यार्थियों ने सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं को भी शांत किया। कार्यक्रम में प्रिंसिपल अंजनि सिंह के साथ स्कूल स्टाफ सदस्य साहिल कुमार, सुशील कुमार, संजीव, दीपिका, सीमा सेठी, सीमा शर्मा, इशिता भी उपस्थित रहे।
सभी की जान कीमती, इसलिए ट्रैफिक नियमों का करें पालन : बहादुर सिंह
यातायात थाना प्रभारी बहादुर सिंह ने विद्यार्थियों को ट्रैफिक नियमों का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहन का प्रयोग करते समय हेलमेट का प्रयोग जरूर करें, जबकि चार पहिया वाहन का प्रयोग करते समय सीट बेल्ट जरूरी हैं। क्योंकि यदि हादसा होता है तो सिर और छाती पर चोट लगने से ही जान जाती है। हेलमेट और सीट बेल्ट बचाव करते हैं। ट्रैफिक एसएचओ बहादुर सिंह ने कहा कि यातायात नियमों का पालन करना जरूरी हैं और ये भी ध्यान रखें कि वाहन को संतुलित और निर्धारित गति सीमा में ही चलाएं। हो सकता है कि आप ध्यानपूर्वक वाहन चला रहे हैं लेकिन ये भी संभव है कि सामने वाला वाहन चालक लापरवाह हो इसलिए बचाव रखें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी 18 साल की उम्र के बाद लाइसेंस लेकर और हेलमेट के साथ ही चलें। 16 साल की आयु के बाद बिना गियर वाले वाहन चलाने के लिए लाइसेंस जरूरी है। ओवर स्पीड कतई ना चलाएं। क्योंकि अचानक ब्रेक कई बार लगाने पड़ जाएं तो ओवर स्पीड वाला वाहन नियंत्रण में नहीं रहता।
ये भी दिए टिप्स
दोपहिया वाहन पर ट्रिपल राइडिंग कभी भी ना करें।
यदि अभिभावक भी ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करते तो विद्यार्थी उन्हें टोक दें।
धुंध में धीरे चलें।
वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग कभी भी ना करें और ना किसी को करने दें।
बंद फाटक के नीचे से कभी भी निकलने का प्रयास ना करें।
लाइसेंस लेकर ही वाहन चलाएं।
विद्यार्थी सोशल मीडिया और मोबाइल से दूर रहें।
यदि कोई विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार का लालच दे तो उनके बहकावे में ना आएं।
लक्ष्य निर्धारित करके पढ़ाई करें।
यदि एक बार हम गलत रास्ते पर चल पड़ें तो फिर यू-टर्न कभी भी संभव नहीं है। इसलिए ध्यान रखें कि विद्यार्थी जीवन महत्वपूर्ण है। विद्यार्थी जीवनकाल के दौरान लक्ष्य निर्धारित करके चलेंगे तो उपलब्धियां हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि मोबाइल से विद्यार्थी दूर रहें और सोशल मीडिया के नजदीक भी जाने से बचें। इससे बेहतर ये होगा कि यदि किसी से मिलने की इच्छा है तो सोशल मीडिया की बजाय आमने-सामने मिलें। सोशल मीडिया और मोबाइल के गुलाम ना बनें।
अंजनि सिंह, प्रिंसिपल, डीपीएस
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुरू किया गया पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम बेहतरीन है। ये कंसेप्ट बहुत अच्छा है। यही उम्र होती है जिसमें यदि बच्चा सीख जाए तो जिंदगी भर नहीं भूलता। इसलिए अभी से विद्यार्थियों को साइबर क्राइम से बचने, नशा से दूर रहने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए शुरू की गई परंपरा अच्छी है।
रूबी मेहता, अध्यापिका, डीपीएस।
पुलिस अधिकारियों व विद्यार्थियों का सीधा संवाद कार्यक्रम बहुत अच्छा है। इससे पुलिस अधिकारी सीधा विद्यार्थी से जुड़कर उन्हें जागरूक करते हैं। इससे विद्यार्थी समाज के दूसरे लोगों को भी जागरूक करेंगे और उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला।
सुमन ढुल, अध्यापिका, डीपीएस।
नशे के खिलाफ और साइबर क्राइम को लेकर दूसरों को जागरूक करूंगा। खुद भी यातायात नियमों का पालन जरूर करूंगा।
-राहुल, कक्षा 9वीं।
मोबाइल से दूर रहने के लिए सभी बोलते हैं लेकिन इसके कारण कोई नहीं बताता। आज जिज्ञासा शांत हुई। अब मोबाइल से दूर रहूंगा।
-रेहान, कक्षा 9वीं।
यातायात नियमों का पालन सभी को करना चाहिए, इसलिए अब दूसरों को भी इस बारे में प्रेरित करेंगे और प्रतिज्ञा भी दिलाएंगे।
-कशिश, कक्षा 11वीं
कोई भी वाहन चलाने से पहले लाइसेंस लेना जरूरी है, इसलिए लाइसेंस बनाने के बाद ही वाहन चलाउंगी। साइबर क्राइम से बचकर रहेंगे और ट्रैफिक नियमों का भी पालन करेंगे।
-आयुषी, कक्षा 11वीं।
नशा से बचे रहने के लिए दूसरे विद्यार्थियों को भी जागरूक करेंगे। इस कार्यक्रम से काफी कुछ सीखने को मिला है।
-अगमलीन, कक्षा 11वीं।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से दिल्ली पब्लिक स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला में उपस्थित अतिथि- फोटो : Sirsa
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से दिल्ली पब्लिक स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बैठे व?- फोटो : Sirsa
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से दिल्ली पब्लिक स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में सवाल क?- फोटो : Sirsa
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से दिल्ली पब्लिक स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में ट्रैफ?- फोटो : Sirsa
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से दिल्ली पब्लिक स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में डीएसप?- फोटो : Sirsa