मांगों को लेकर पुलिस से बातचीत करते किसान।
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हरियाणा के ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र के गांव जमाल में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की जनसभा के दौरान विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ पुलिस द्वारा बदसलूकी और मारपीट करने के मामले को लेकर किसानों ने विरोध स्वरूप नाथूसरी चौपटा थाने का घेराव शुरू कर दिया है। भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह चढुनी भी सैकड़ों साथियों के साथ नाथूसरी चौपटा थाने के बाहर पहुंच गए हैं और किसान नेता सिकंदर रोड़ी व अन्य किसानों के साथ हुए दुर्व्यवहार मामले में दोषी पुलिस कर्मचारियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच करने की मांग कर रहे हैं।
गांव जमाल में भाजपा प्रत्याशी गोबिंद कांडा के समर्थन में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला द्वारा जनसभा को संबोधित करने के दौरान किसानों ने विरोध स्वरूप काले झंडे दिखाने शुरू कर दिए। इसी दौरान पुलिस ने किसान नेता सिकंदर सिंह व अन्य साथियों के साथ बदसलूकी कर धरना स्थल से किसानों को दूर खदेड़ दिया। इस मामले के विरोध स्वरूप किसानों ने पहले नाथूसरी चौपटा थाने में दोषी पुलिस अधिकारियों के साथ के विरोध में मामला दर्ज करने की मांग की।
लेकिन नहीं मानने पर किसानों ने नाथूसरी चौपटा थाने का घेराव शुरू कर दिया। इसी दौरान भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह भी अपने साथियों के साथ नाथूसरी चौपटा थाना पहुंच गए और किसानों के साथ हुए दुर्व्यवहार मामले में दोषी अधिकारियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच करने की मांग पर अड़ गए। गुरनाम सिंह चढुनी का कहना है कि पुलिस बिना मजिस्ट्रेट के आदेश के किसी भी विरोध प्रदर्शन के दौरान मारपीट नहीं कर सकती लेकिन जमाल में किसान नेताओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया है।
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गौरतलब है कि 27 अक्टूबर को नाथूसरी चौपटा में किसान महापंचायत का भी आयोजन किया जाना है जिसमें देश के प्रमुख किसान नेता राकेश टिकैत सहित कई नेताओं की आने की संभावना है।