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शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूल संचालकों को कोर्ट केस का स्टे नहीं मान नियम 134ए में दाखिला देने के दिए आदेश

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दाखिले ना करने की शिकायत को लेकर नियम 134ए के नोडल को जानकारी देते हुए अभिभावक। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। अभिभावकों की नियम 134 ए के तहत दाखिला ना करने की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए शिक्षा निदेशालय ने मंगलवार को पत्र जारी किया है। जिसमें निजी स्कूल संचालकों को स्टे को ना मान नियम 134ए में पहली सीट अलॉटमेंट सूची में आने वाले विद्यार्थियों को 24 दिसंबर से पहले दाखिला सुनिश्चित करने के आदेश है। बता दें कि 16 दिसंबर को जारी सूची के बाद निजी स्कूल संचालक कोर्ट केस का हवाला देते हुए नियम 134 ए के अंतर्गत विद्यार्थियों को दाखिला नहीं कर रहे थे।
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हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कान्फ्रेंस बनाम स्टेट ऑफ हरियाणा केस का हवाला देते हुए निजी स्कूल संचालक दाखिला करने के इंकार कर रहे है। इस केस में नियम 134ए की बकाया राशि व अन्य मांगे दर्ज है। दाखिला ना देने के चलते अभिभावक खंड शिक्षा कार्यालय में लिखित में शिकायत कर रहे थे।
जिला शिक्षा विभाग द्वारा इसकी सूचना पत्र लिख मंगलवार सुबह शिक्षा निदेशालय को भेजी थी। जिसके बाद शिक्षा निदेशालय ने देर शाम को पत्र जारी करते हुए केस पर स्टे का ना मान नियम 134ए के तहत निजी स्कूल संचालकों को दाखिला करने के निर्देश दिए है। दाखिला लेने वाले विद्यार्थी को स्कूल केपीटेशन फीस, मेनटेनेंस फीस व वार्षिक शुल्क देने के लिए बाध्य नहीं होगा। नियम 134ए के तहत पढ़ने वाला विद्यार्थी केवल एनसीईआरटी द्वारा अनुमोदित पुस्तकें खरीदने के लिए जिम्मेदार होगा। स्कूल उस पर अन्य किताबें खरीदने के लिए दबाव नहीं डाल सकता। अगर किसी भी विद्यार्थियों को दाखिले संबंधित परेशानी आती है तो खंड शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी उसका समाधान करेंगे।
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बता दें कि असेसमेंट सूची में दूसरी से नौंवी व 11वीं कक्षा के 1387 विद्यार्थियों को पहली स्कूल अलॉटमेंट सूची में नाम आया था। दाखिले के 4 दिन बीत जाने के बाद अभी तक एक भी विद्यार्थी के दाखिला लेने की सूचना पोर्टल पर दर्ज नहीं हुई है।
निदेशालय द्वारा पत्र जारी किया गया है जिसमें स्टे को ना मान निजी स्कूल संचालकों को दाखिला देने के निर्देश दिए गए है। अगर वह दाखिला करने से मना करते है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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- आत्म प्रकाश मेहरा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सिरसा।
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