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दिल्ली की एजेंसी विद्यार्थियों को वेबसाइट बनाना व रोबोटिक्स की कोडिंग सिखाएगी

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सिरसा। राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालयों में पढ़ने वाले 10वीं से 12 कक्षाओं के विद्यार्थियों को कोडिंग सीखाने का काम शुरू हो गया है। ट्रेनिंग की तैयारी पूरी कर ली है और 5 फरवरी से प्रशिक्षण शुरू होगा। विद्यार्थियों को कोडिंग सीखाने के लिए ट्रेनिंग का शेडयूल विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है। इस ट्रेनिंग के माध्यम से विद्यार्थियों को इस डिजिटल दौर में बौद्धिक क्षमता बढ़ाने और रोजगार के आयाम हासिल करने के लिए कोडिंग और रोबोटिक्स सिखाई जाएगी। जिसकी ट्रेनिंग 5 फरवरी से जिला के 7 मॉडल संस्कृति स्कूलों में शुरू की जानी है।
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हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से रोबोटिक्स विजार्डस एजेंसी द्वारा विद्यार्थियों को कोडिंग व रोबोटिक्स की ऑफलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रत्येक स्कूल में 30 की संख्या के दो ग्रुप बनाए जाएंगे। जिसमें 10वीं से 12वीं तक के कुल 60 बच्चे भाग लेंगे। यह ट्रेनिंग 12 से 15 दिन के बीच चलेगी। दिन में 2 से 3 घंटे तक की ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग को रोबोटिक्स विजार्डस कंपनी के ट्रेनर दिया जाएगा। एक स्कूल के 60 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इस प्रकार सभी सात खंडों के स्कूलों के 400 से ज्यादा विद्यार्थी अब कोडिंग सीखने का प्रशिक्षण हासिल करेंगे।
ट्रेनर द्वारा विद्यार्थियों का करवाई जाएंगी 12 गतिविधियां
- फोटो फोबिक रोबोट
- फोटो ट्रोपिक रोबोट
- ओबसटेक्ल फोलोवर रोबोट
- ग्रिपर रोबोट
- स्ट्रीरिंग रोबोट
- लाइन फोलोवर रोबोट
- ऐज एवोइडर रोबोट
- वॉल फोलोवर रोबोट
- ट्रैश बिन रोबोट
- पिक एंड प्लेस रोबोट
- 3-डी एनेबेल्ड एक्टविटीज फॉर स्टूडेंटस
प्रोजेक्ट पर काम कर करवाना होगा प्रोजेक्ट जमा
ट्रेनर द्वारा विद्यार्थियों की कक्षाएं ली जाएंगी। जिसके दौरान विद्यार्थियों को अलग-अलग 12 गतिविधियां करवाई जाएंगी और बच्चों को ट्रेन किया जाएगा। वहीं इन गतिविधियों के बाद विद्यार्थियों को ट्रेनर द्वारा 3 से 4 ग्रुपों में प्रोजेक्ट भी दिया जाएगा। जिस पर विद्यार्थियों को काम करना होगा। प्रोजेक्ट बनाने व काम करने के बाद उसे जमा करवाना होगा। इस प्रोजेक्ट के दौरान विद्यार्थियों को कंप्यूटर साइंस के पीजीटी गाइड करेंगे। इनकी अनुपस्थिती में गणित, विज्ञान के पीजीटी को बच्चों को गाइड करना होगा।
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जानिये क्या है कोडिंग
कोडिंग को प्रोग्रामिंग कहा जाता है। जो कुछ भी हम कंप्यूटर में करते हैं वो सब कोडिंग के माध्यम से ही होता है। कोडिंग का इस्तेमाल कर कोई वेबसाइट, गेम, एप आदि तैयार किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स में भी किया जा सकता है। इतना ही नहीं, बल्कि कोडिंग की कई भाषाएं भी होती है। कई भाषाओं का इस्तेमाल वेबसाइट और एंड्रॉइड एप डिजाइन करने में होता है।
बुधवार को विद्यार्थियों की कोडिंग ट्रेनिंग के लिए जिला के सभी मॉडल संस्कृति स्कूलों को पत्र जारी कर दिए गए हैं। ट्रेनिंग के दौरान बच्चों को कोडिंग और रोबोटिक्स करना सीखाया जाएगा। जिसके लिए रोबोटिक्स विजार्डस एजेंसी से ट्रेनर ऑफलाइन विद्यार्थियों को ट्रेनिंग देगा।
-बूटा राम, जिला परियोजना अधिकारी सिरसा।
रोबोटिक्स प्रशिक्षण के लिए शेड्यूल जारी कर दिया गया है। 5 फरवरी से 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। जिसकी तैयारियां विद्यालय द्वारा शुरू कर दी गई है। एक स्कूल से 60 बच्चों को 2 से 5 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये कक्षाएं विद्यार्थियों की प्रतिदिन की कक्षाएं लगने के बाद लगाई जाएंगी।
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-मदन मलिक, प्राचार्य, राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल सिरसा।
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