सोनिया ने कहा कि यहां तक पहुंचने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा है। मां सरोज के साथ खेतों में मजदूरी तक करनी पड़ी है। पिता नहीं हैं। इसलिए मां ने ही पाला है।
अंडर-19 महिला क्रिकेट विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रही सोनिया गुरुवार को अपने घर हरियाणा के रोहतक जिले के गांव ब्राह्मणवास पहुंची। हवाई अड्डे से मकडोली टोल पहुंची बेटी का फूल मलाओं से स्वागत किया गया। इसके बाद विजय जुलूस के साथ उसे गांव के मंदिर में आयोजित समारोह स्थल लेकर पहुंचे।
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ब्राह्मणवास में गुरुवार को जश्न का माहौल रहा। विश्व कप जीत कर लौटी अपनी बेटी का ग्रामीणों ने आतिशबाजी के साथ जोरदार स्वागत किया। रास्ते किसी ने नोटों की माला पहनाई तो किसी ने चित्र भेंट किए।
भारतीय टीम में शामिल सोनिया ने कहा कि जीत ने आत्मविश्वास बढ़ाया है। इससे और बेहतर खेलने की प्रेरणा मिलेगी। यहां तक पहुंचने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा है। मां सरोज के साथ खेतों में मजदूरी तक करनी पड़ी है। पिता नहीं हैं। इसलिए मां ने ही पाला है। उन्होंने बड़ी परेशानी उठाई। उनकी मदद के लिए मुझसे जो हुआ मैने भी किया। देश के लिए खेल कर गर्व हुआ है। अब देश की मुख्य टीम में जगह बनाने का प्रयास रहेगा। इसके लिए और मेहनत करूंगी।