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विजय नगर हत्याकांड : सात दिसंबर तक हाईकोर्ट में शपथ पत्र दे पुलिस, प्रॉपर्टी एंगल से जांच की या नहीं

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शहर के विजय नगर हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार व पुलिस को नोटिस भेजकर पूछा है कि हत्याकांड की किस-किस एंगल से जांच की गई। प्रॉपर्टी विवाद के एंगल से किस-किस से पूछताछ की गई, कितने लोगाें को जांच में शामिल किया गया। पुलिस को सात दिसंबर तक शपथ पत्र हाईकोर्ट में दाखिल करना है। 27 अगस्त को विजय नगर में प्रॉपर्टी डीलर बबलू मलिक, उसकी पत्नी बबली, बेटी नेहा व सास रोशनी देवी को गोली मार दी गई थी। बबलू, बबली व रोशनी ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि नेहा की दो दिन बाद पीजीआई में मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में बबलू के बेटे अभिषेक उर्फ मोनू मलिक को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि अभिषेक अपने दोस्त के साथ रहना चाहता था। दोस्त को देने के लिए उसने पांच लाख रुपये मांगे थे। पैसे न देने पर परिजनों की हत्या कर दी। अभिषेक फिलहाल न्यायिक हिरासत के चलते सुनारिया जेल में बंद है। पुलिस को मामले में 27 नवंबर तक जिला अदालत में आरोप पत्र दाखिल करना है।
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वकील ने उठाया सवाल, करोड़पति का बेटा मात्र पांच लाख के लिए क्यों मारेगा अपनों को
अभिषेक के वकील शिवांशु मलिक ने बताया कि उसने सीआरपीसी की धारा 482 के तहत हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में बताया कि आरोपी अभिषेक के पिता बबलू मलिक प्रॉपर्टी डीलर थे, जिनके पास करोड़ों रुपये की संपत्ति है। आरोपी उसका एकलौता पुत्र है। पुलिस ने खुलासा किया था कि पांच लाख के लिए अभिषेक ने अपनों का खून बहाया है। जबकि अभिषेक को उसके पिता ने लग्जरी कार, महंगे फोन व दूसरी लग्जरी सुविधाएं दे रखी थी। पुलिस को प्रॉपर्टी व दूसरे एंगल से भी हत्याकांड की जांच करनी चाहिए थी। मांग की थी कि मामले की सीबीआई से या किसी आईपीएस अधिकारी से जांच करवाई जाए। अदालत ने सात दिसंबर तक नोटिस भेजकर पुलिस से शपथ पत्र मांगा है कि बताया जाए कि किस-किस एंगल से जांच की गई। इसमें प्रॉपर्टी विवाद का एंगल था या नहीं।
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