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निगमकर्मियों का खेल, किसी की प्रॉपर्टी पास तो किसी की फेल

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नगर निगमकर्मियों ने खेल करके पिता के एक ही भूखंड से बने पांच बेटों के हिस्सों में से दो को अधिकृत और तीन को अनधिकृत कर दिया। सैनी एजुकेशन सोसायटी के कॉलेजियम सदस्य अजमेर सिंह सैनी का आरोप है यदि निगमकर्मी की रजामंदी है तो कायदे-कानून का कोई मतलब ही नहीं है। सिर्फ तालमेल होना चाहिए। वे चाहेंगे तो नई आईडी से अनधिकृत प्रॉपर्टी को अधिकृत (एप्रूव्ड) कर देंगे और नक्शा भी पास हो जाएगा। मामले की शिकायत सीएम विंडो, कैबिनेट मंत्री से की गई है।
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केस एक
अजमेर ने बताया कि उनके पिता परसराम की जमीन शास्त्री नगर बसंत विहार में करीब 1200 वर्ग गज है। पिता की मृत्यु बाद जमीन मां भागवंती फिर चारों भाई कृष्ण, राजेंद्र, अजमेर व देवेंद्र के नाम बंटवारा होकर आई। कृष्ण की मृत्यु के बाद संजय व देवेंद्र का बेटा सन्नी मालिक हो गए। आरोप लगाया कि एक ही भूखंड के पांच हिस्सों में से निगमकर्मियों ने दो अधिकृत और तीन अनधिकृत कर दिए हैं। प्रॉपर्टी आईडी संख्या 32सी94यू787 व 32सी96यू789 अधिकृत हैं। 32सी98यू791, 32सी97यू790, 32सी95यू788 अनधिकृत की श्रेणी में रखा गया है।
केस दो
शास्त्री नगर बसंत विहार में बिट्टू ने करीब 2000 वर्ग गज कलावती को बेची। कलावती ने सुदेश देवी को अधिकृत प्रॉपर्टी की आईडी संख्या 32सी356यू260एए पर बेच दी। अजमेर ने कहा कि कैसे जमीन अधिकृत हुई, इसका किसी अधिकारियों के पास जवाब नहीं है। अधिकृत की एनडीसी (नो ड्यूट सर्टिफिकेट) भी जारी की गई है, जबकि प्रॉपर्टी आईडी 32सी360यू256, 32सी358यू258 व 32सी360यू256ए अनधिकृत है।
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केस तीन
विशाल नगर की प्रॉपर्टी आईडी संख्या 37सी1062यू680ए की आठ दिसंबर 2020 को निगम ने एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) जारी कर दी। 18 हजार रुपये शुल्क भी जमा कराया गया। कुछ समय बाद पोर्टल पर प्रॉपर्टी आईडी अनधिकृत दर्शायी जाने लगी, जिसकी वजह सिर्फ रजिस्ट्री होने तक अधिकृत दर्शाना था।
केस-चार
आजादगढ़ में अनधिकृत जमीन का निगम ने नक्शा स्वीकृत कर दिया है, जबकि ऐसा नहीं हो सकता। शास्त्री नगर में आईडी क्रेक करके दूसरी आईडी बना दी गई है, जो एप्रूव्ड दिख रही है।
16 अगस्त को कार्यभार संभाला है। पहले के मामलों के बारे में कोई जानकारी नहीं। यदि शिकायत आएगी तो नियमानुसार जांच करके संबंधित अधिकारी को कार्रवाई के लिए भेज दी जाएगी।
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-हरदीप, डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर
अधिकृत कॉलोनी की आईडी हैं। यदि भूखंड सीमा के अंदर हैं तो अधिकृत होगी अन्यथा अनधिकृत रहेगी। आईडी देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
-जितेंद्र कुमार, असिस्टेंट टाउन प्लानर
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