यूपीएससी परीक्षा पास करने पर डॉ. राजेश को मिठाई खिलाते पिता।
हौसले बुलंद हों तो सफलता कदम चूमती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है यूपीएससी की परीक्षा में पांच बार असफल होने वाले महम ब्लॉक के भराण निवासी डॉ. राजेश मोहन ने। छठी बार में उन्होंने 102वीं रैंक हासिल की है। इस उपलब्धि से परिवार वाले खुशी से सराबोर हैं। अमर उजाला से हुई बातचीत में डॉ. राजेश मोहन ने अपना संघर्ष साझा किया।
हाल सेक्टर 39-बी चंडीगढ़ निवासी डॉ. राजेश मोहन का सपना शुरू से ही आईपीएस बनना था। महिला सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि लक्ष्य हासिल करने के लिए बुलंद हौसले और लगन साथ मेहनत की। रोजाना छह से सात घंटे तक पढ़ाई की। कक्षा 12वीं की पढ़ाई के बाद बायोलॉजी में रुचि होने के चलते मेडिकल में प्रवेश लिया। इसके बाद एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद ऑर्डिनेंस फैक्टरी में दो वर्ष कार्य किया। तिहाड़ जेल में कोविड मरीजों के लिए भी दो महीने जूनियर रेजिडेंट के रूप में सेवाएं दी। यूपीएससी परीक्षा पास करने वाले डॉ. राजेश को इस सफलता के साथ दांपत्य खुशी भी जल्द मिलने जा रही है। नवंबर में उनकी शादी होनी है। घर में एक साथ दो बड़ी खुशियां आने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। उनके पिता राजकंवर मोहन हरियाणा सरकार में अंडर सेक्रेटरी हैं। मां कमलेश देवी गृहिणी हैं। छोटा भाई कुलबीर स्पेशल फोर्स में कैप्टन के पद पर कार्यरत है।