जिले के कई कॉलेजों में विभिन्न कोर्सों की सीटें खाली रह गईं और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को दाखिला नहीं मिल पाया। इस तरह बुधवार को अंडर ग्रेजुएट कक्षाओं में दाखिले की दौड़ खत्म हो गई। देर शाम तक कॉॅलेजों में प्रवेश प्रक्रिया जारी रही क्योंकि उच्च शिक्षा निदेशालय ने फीस जमा करने के लिए रात 12 बजे तक का समय दिया था। अब कॉलेजों और विद्यार्थियों की उम्मीदें उच्च शिक्षा निदेशालय पर टिकीं हैं, कई प्राचार्यों ने भी आग्रह किया है कि दाखिलों का समय बढ़ाया जाए।
कॉलेजों में अंडर ग्रेजुएट कक्षाओं में दाखिले का बुधवार को आखिरी दिन था। आखिरी तीन-चार दिनों में एडमिशन कैंसिल होने के कारण कई कॉलेजों में सीटें खाली हो गई। जिनको भरने की जद्दोजहद में कॉलेजों ने काफी मशक्कत की। वेटिंग लिस्ट से विद्यार्थियों के मोबाइल नंबर लेकर उन्हें कॉल किया गया, इस तरह 13 अक्तूबर को फाइनल फिजिकल काउंसिलिंग कर सीटें भरने की हरसंभव कोशिश की गई। लेकिन फिर सारी सीटें नहीं भर सकीं। वैश्य कॉलेज में बीकॉम, बीएससी नॉन मेडिकल में काफी सीटें खाली रह गईं, बीएससी मेडिकल में भी कुछ सीटें बची हुई हैं। इसी तरह जाट कॉलेज में भी बीकॉम और बीेएससी नॉन मेडिकल में सीटें बची हुई हैं। गौड़ कॉलेज का भी यही हाल है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जेपी शर्मा ने बताया कि एडेड की तो सारी सीटें भर गई हैं, लेकिन सेल्फ फाइनांसिंग में बीकॉम, बीएससी मेडिकल और नॉन मेडिकल की सीटें खाली हैं। डीएचई से आग्रह किया गया है कि दाखिलों का समय बढ़ाया जाए। पंडित नेकीराम शर्मा कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल डॉ. इंदु ने बताया कि बची हुई सीटों के लिए 13 को ओपन काउंसिलिंग की गई थी। शाम साढ़े सात बजे तक दाखिले की प्रक्रिया जारी थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि रात तक सारी सीटें भर जाएंगी।
एमडीयू के कर्मचारियों की हड़ताल बनी विद्यार्थियों के लिए मुसीबत
एमडीयू के कर्मचारियों की हड़ताल कर्मचारियों के लिए मुसीबत बन गई है। इसके चलते विद्यार्थी माइग्रेशन सर्टिफिकेट, कैरेक्टर सर्टिफिकेट, डीएमसी, प्रोविजनल डिग्री समेत कई दस्तावेज नहीं ले पा रहे हैं। जबकि इस समय दाखिले चल रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रदेश सह-मंत्री सन्नी नारा की अगुवाई में कुलपति प्रो. राजबीर सिंह को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि 20-25 दिन से कर्मियों की हड़ताल चल रही है। एक सप्ताह से कर्मचारियों ने बिल्कुल काम बंद कर दिया है। इस कारण छात्रों को काफी परेशानी हो रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन इस पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है। इसलिए हड़ताल को लेकर फैसला लेना चाहिए। इसके अलावा समय पर रिजल्ट नहीं घोषित करने से भी दिक्कत आ रही है। अगर जल्द समस्या का समाधान न हुआ तो संगठन एमडीयू प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतरेगा। इस अवसर पर मोनू धनखड़, दिनेश, खुशहाल, ऋषि, हरि, अभिषेक, अमित भी मौजूद थे।