नगर निगम ने 9 नवंबर से प्रॉपर्टी टैक्स के एक हजार बड़े बकायेदारों, बिल्डिंग कोड का उल्लंघन करके बने भवनों और अवैध रूप से बनीं कॉलोनियों के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई का फैसला लिया है। इसमें बकायेदारों की प्रॉपर्टी सील होगी और अवैध निर्माणों को ध्वस्तीकरण किया जाएगा। इस दौरान विरोध की आशंका के चलते निगम प्रशासन त्योहार के बाद प्रशासन से पुलिस बल की मांग करेगा। नगर निगम की आय का प्रमुख जरिया प्रॉपर्टी से टैक्स की वसूली है। चालू वित्तीय वर्ष में निगम का 50 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य है, लेकिन अभी तक साढ़े दस करोड़ ही वसूला जा सका है। वसूली बढ़ाने के लिए निगम ने एक हजार बड़े बकायेदारों को सीलिंग का नोटिस दिया। इसके तहत 28 अक्तूबर को प्रॉपर्टी सील की जानी थी, लेकिन त्योहार की वजह से कार्रवाई स्थगित कर दी गई। अब नौ नवंबर को बकायेदारों की प्रॉपर्टी सील की जाएगी।
200 अवैध रूप से बिल्डिंगों पर होगी कार्रवाई
हरियाणा बिल्डिंग कोड का उल्लंघन करके बनी बिल्डिंगों पर सीलिंग व तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी। बिल्डिंग कोड के तहत चार मंजिला तक रिहायशी बिल्डिंग बनाई जा सकती हैं। ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग है, तो पांच मंजिल तक। इसके बावजूद शहर के पॉश इलाके डीएलएफ कॉलोनी, शिवाजी कॉलोनी, मेडिकल मोड़, मॉडल टाउन, झंग कॉलोनी, एकता कॉलोनी, डी-पार्क में पांच से सात मंजिला बिल्डिंग बनी हुईं हैं। निगम ने चिह्नित 200 बिल्डिंग स्वामियों को नोटिस दिया है, जिनमें से कुछ ने ही रिवाइज नक्शा व जुर्माने का भुगतान किया है। सूत्रों की मानें तो करीब 110 लोगों ने कोई कदम नहीं उठाया है। अब निगम नौ नवंबर से इनके खिलाफ कार्रवाई करेगा।
अवैध रूप से बनीं कॉलोनियों में होगी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
नगर निगम अवैध रूप से बनीं चार कॉलोनियों में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। इस दौरान 40-45 निर्माण ध्वस्त किए जाएंगे। ये कॉलोनियां कृषि भूमि पर बनाईं गईं हैं, जिनका भू-उपयोग नहीं बदलवाया गया है। एटीपी जितेंद्र कुमार के अनुसार फिलहाल अवैध रूप से बनाई गईं कॉलोनियों को चिह्नित किया गया है, जो सेक्टर 34 के पीछे, गोहाना रोड पर वन सिटी के नजदीक, तिलियार के सामने और लाढ़ौत बाईपास पर हैं। इनमें अवैध कॉलोनियों में तेजी से निर्माण कराया जा रहा है। अब निगम प्रशासन ने सख्ती से ध्वस्तीकरण का फैसला लिया है, जो नौ नवंबर के आसपास किया जाएगा।
नगर निगम 9 नवंबर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। इसके तहत प्रॉपर्टी टैक्स के बड़े एक हजार बकायेदारों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। बिल्डिंग कोड का उल्लंघन करके बनीं इमारतें सील होंगी अथवा ध्वस्त की जाएंगी। कृषि योग्य भूमि पर बनी बनाईं गईं अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त किया जाएगा। विरोध की आशंका के चलते टीम के साथ पुलिस भी तैनात रहेगी।
-सुरेश कुमार, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम