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पीजीआई ने स्वास्थ्य विभाग को भेजी 24 फाइलें, जिले में कोरोना से हुईं 613 मौतें

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कोरोना से हुई मौतों का आंकड़ा सही करने का पीजीआई का दावा सही साबित हुआ। बुधवार को पीजीआई ने सिविल सर्जन कार्यालय को 24 फाइलें उपलब्ध कराई। यही नहीं, फाइलों में आंकड़े भी दुरुस्त होने का दावा किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यालय से इन फाइलों पर कार्रवाई संबंधी मार्गदर्शन मांगा है। वहां से मिले निर्देशों के तहत कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में जिले में कोरोना से मौतों का आंकड़ा भी 613 पहुंच गया है।
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पीजीआई प्रशासन ने बुधवार को कोरोना से हुई मौतों से संबंधित 24 फाइलों का ब्योरा स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया है। हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की सख्ती के बाद पीजीआई प्रशासन ने रविवार व सोमवार को विशेष पड़ताल अभियान चलाकर मरीजों की फाइलों का रिकॉर्ड खंगाला। इस दौरान 24 फाइलें मिलीं। विभाग पिछले कुछ दिनों में फाइलों का आंकड़ा दुरुस्त करते हुए 23 फाइलें इससे पहले जमा करा चुका है। जबकि महामारी की दूसरी लहर में हुई मौतों का आंकड़ा 566 बताया गया है। अब इसमें पीजीआई से मिली 47 फाइलों को जोड़कर जिले में हुई मौतों का आंकड़ा 613 पहुंच गया है।
बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर में जनहानि ज्यादा हुई थी। हर दिन औसतन सात से 10 लोगों की संक्रमण के कारण मौत हुई। इन मौतों का आंकड़ा सही नहीं दर्शाया गया। जितनी मौतें स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में दर्शाई जाती, उसी दिन उससे ज्यादा शवों का श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। इस गड़बड़ी को अमर उजाला ने उजागर किया था। बाद में लोगों को मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिले तो उन्होंने उपायुक्त से शिकायत की। उपायुक्त ने मुख्यालय ई-मेल भेजकर अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने पीजीआई प्रशासन से जवाब तलब किया। पीजीआई प्रशासन ने दो दिनों में 24 फाइलें और तलाशी। इन्हें स्वास्थ्य विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है।
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पीजीआई से कुछ फाइलें आई हैं। संस्थान के नोडल अधिकारी को बुलाया गया है। एडिशनल बर्थ एंड डेथ रजिस्ट्रार इस मामले में काम कर रहे हैं। इस समस्या का समाधान किया जाएगा।
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- डॉ. केएल मलिक, उप सिविल सर्जन
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