बोहर नहर पर एक तरफ का स्टील ब्रिज बनकर तैयार है, जबकि दूसरे का निर्माण अंतिम चरण में है। बन कर तैयार हुए ब्रिज से एक पखवाड़े में दोपहिया वाहनों के चलाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का दावा है कि डेढ़ से दो माह में दोनों ब्रिज जनता के लिए खोल दिए जाएंगे।
शीला बाईपास पर 746 मीटर का फ्लाईओवर और बोहर नहर पर आवागमन के लिए स्टील ब्रिज का निर्माण 64 करोड़ रुपये में किया जा रहा है। शीला बाईपास का फ्लाईओवर 23 पिलर पर बनाया जा रहा है। निर्माण एजेंसी का दावा है कि पिलर बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। सितंबर तक फ्लाईओवर बनाकर तैयार कर दिया जाएगा। वहीं, बोहर नहर पर आवागमन के लिए बनने वाले दो स्टील ब्रिज का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। एक तरफ का ब्रिज बनकर तैयार हो गया है, जबकि दूसरी तरफ के ब्रिज का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह एक माह में तैयार हो जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि एक पखवाडे़ में तैयार ब्रिज से दोपहिया वाहन चालकों का आवागमन भी शुरू हो सकता है। निर्माण एजेंसी के बीरभान ने बताया कि शीला बाईपास फ्लाईओवर का निर्माण दिसंबर में पूरा हो जाएगा। बोहर नहर पर एक स्टील ब्रिज बनकर तैयार हो गया है। दूसरे का निर्माण तेजी से चल रहा है, जो एक से डेढ़ माह में पूरा हो जाएगा।
पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता उदयवीर झांझरिया ने बताया कि बोहर नहर पर स्टील ब्रिज का काम एक-डेढ़ माह में पूरा हो जाएगा। जिस ब्रिज को बनाने की बात कही जा रही है, उसे चालू नहीं किया जा सकता है। काम पूरा होने के बाद ही चालू करने के बारे में कहा जा सकता है।