हरियाणा के रोहतक जिले के लाखनमाजरा खंड के गांव खरैंटी में तीन साल पहले एक माह की बेटी को ड्रम में भरे पानी में डुबोकर मारने के दोषी पिता नसीब को एएसजे डॉ. गगनगीत कौर की अदालत ने उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना जमा न कराने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अप्रैल 2019 में भिवानी जिले के गांव दांग कलां निवासी बबली ने अप्रैल 2019 में लाखनमाजरा थाने में शिकायत दी थी कि उसकी छोटी बहन मुनेश की शादी खरैंटी गांव निवासी नसीब के साथ हुई थी। उसके पिता ने बताया कि मुनेश की एक माह की बेटी नवैया की मौत हो गई है। उसके ससुराल वालों ने बताया कि वह पानी से भरे ड्रम में डूब गई थी। इतना ही नहीं, नवैया के शव को दफना भी दिया है।
बबली को शक हुआ और उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच पड़ताल की। सबसे पहले शव को बरामद कर पोस्टर्माटम करवाया गया। खुलासा हुआ कि नवैया की पानी में डुबोकर हत्या की गई है। इसके बाद पुलिस ने हत्या के आरोप में नवरात के पिता नसीब को गिरफ्तार कर लिया। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी। 23 मई को अदालत ने नसीब को दोषी करार दिया।
26 मई को उसे आईपीसी की धारा 302 के तहत उम्रकैद व 10 हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना न देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा और सबूत मिटाने की धारा 201 के तहत सात साल की कैद व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा और न देने पर दो माह की अतिरिक्त सजा का फैसला सुनाया।