प्रॉपर्टी टैक्स का पोर्टल एक अप्रैल से बंद होने की वजह शहरवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना 400 से 450 लोग निगम कार्यालय के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं, मगर उनकी समस्या का निदान नहीं हो रहा है। यही वजह है कि बिल गलत होने की वजह से टैक्स भी जमा नहीं हो पा रहा है। निगम अधिकारियों का कहना है कि वह मुख्यालय के अधिकारियों के संपर्क में है। उम्मीद है कि तीन-चार दिन में पोर्टल चालू हो जाए।
नगर निगम की 3.09 लाख प्रॉपर्टी का सर्वे करने वाली कंपनी ने अभी तक प्रॉपर्टी टैक्स पोर्टल पर अपना डाटा अपलोड नहीं किया है। वही, एक अप्रैल से पोर्टल ने काम करना बंद कर दिया है, जिसकी वजह से प्रॉपर्टी टैक्स का बिल नहीं मिल पा रहा है। जिसकी वजह से लोगों का काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। किसी की एनओसी नहीं बन पा रही है, तो किसी का बैंक से संबंधित काम अटका पड़ा है। बैंक से लोन से संबंधित मामले भी अटके पड़े हैं। परेशान लोग नगर निगम अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं मगर वह भी कोई संतोषजनक जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं। निगम अधिकारियों का कहना है कि रोजाना प्रॉपर्टी टैक्स बिल को लेकर 400 से 450 लोग आ रहे हैं, जो काम नहीं होने पर निराश होकर लौट रहे हैं।
जोनल टैक्स अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स से बिल एक अप्रैल से पोर्टल बंद होने की वजह से नहीं निकल पा रहे हैं। जिसकी वजह से लोग काफी परेशान हैं। प्रॉपर्टी टैक्स बिल काउंटर और उनके कार्यालय में औसतन 400 लोग अपनी समस्या लेकर आ रहे हैं मगर पोर्टल बंद होने की वजह से कोई काम नहीं हो रहा है। मुख्यालय के आईटी अधिकारियों के संपर्क में हैं। उम्मीद है कि दो-तीन दिन में समस्या का निदान हो जाए।
ये कहना है परेशान लोगों का
मेरे प्रॉपर्टी टैक्स का कैलकुलेशन गलत है, जो सही करवाया है, मगर बिल नहीं निकल रहा है। इस समस्या को लेकर तीन माह से चक्कर काट रहा हूं। नवीन जैन, निवासी रेलवे रोड।
पोर्टल बंद होने की वजह से प्रॉपर्टी टैक्स का बिल नहीं मिल रहा है। जिसकी वजह से कई जरूरी काम अटके पड़े हैं। दो माह से चक्कर लगा रहा हूं। जय सिंह, सेक्टर-14
मकान की रजिस्ट्री कराई थी, जिसको पोर्टल पर संशोधित करवाया था, मगर अब दिख नहीं रही है। पोर्टल बंद होने की वजह से समस्या का निदान नहीं हो रहा है। किरन, निवासी नेहरू कॉलोनी