मुख्यमंत्री मनोहर लाल के रोहतक दौरे के दौरान एक बार फिर लुटेरों ने पुलिस को चुनौती दी है। गुरुवार को तीन युवक शिवम एंक्लेव स्थित कैटरिंग कारोबारी के मकान में घुसकर न केवल मकान मालकिन का गला दबाने का प्रयास किया, बल्कि बेटे का हाथ तोड़ दिया। बावजूद इसके महिला की सूझबूझ, बेटे की बहादुरी और पड़ोसियों के सहयोग से एक युवक को काबू कर लिया गया, जबकि दो फरार होने में कामयाब रहे। भीड़ ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी के खिलाफ 397 बी के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री की रोहतक में मौजूदगी के दिन वारदात से साफ है कि लुटेरों के हौसले कितने बुलंद हैं। क्योंकि करीब एक माह पहले 8 अप्रैल को मुख्यमंत्री के आने से पहले बाइक सवार दो युवकों ने सेक्टर एक से ढाई करोड़ से ज्यादा नकदी लूटकर फरार हो गए थे, जिनकी अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पुलिस के मुताबिक अनिल नागपाल ने बताया कि वे शिवम एंक्लेव में रहते हैं। बड़ा बाजार में उनकी कैटरिंग की दुकान है। गुरुवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे वे घर से निकले थे। उनके जाने के के 15-20 मिनट बाद एक युवक आया उसकी पत्नी सीमा नागपाल से कहा कि उसे कैटरिंग की बुकिंग करवानी है। उसकी अपने पति से बात करवा दे। साथ ही पानी पिला दे।
सीमा जैसे ही पानी लेने के लिए अंदर गई तो आरोपी ने बाहर खड़े अपने दो साथियों को इशारा करके बुलाया। इसके बाद युवक ने उसकी पत्नी को दबोच लिया। शोर मचाया तो गला दबा दिया और घसीटकर दरवाजे तक ले गया, ताकि दरवाजा अंदर से बंद कर सके।
इतना ही नहीं, उसकी पत्नी के कानों से टॉप्स उतारने का प्रयास किया। धमकी दी कि जो कुछ भी है दे दो नहीं तो जान से मार दूंगा। आवाज सुनकर छत पर पढ़ाई कर रहा उनका बेटा मनन नागपाल नीचे आया और सीधे युवक से उलझ गया। साथ ही पार्क में मौजूद पड़ोसियों को सहायता के लिए आवाज लगाई। उसकी पत्नी और बेटे ने पड़ोस के रहने वाले युवक की मदद से आरोपी को पकड़ लिया, जबकि उसके दो साथी बाहर से ही भाग गए।
रेकी करके वारदात को दिया अंजाम, पड़ोसी नहीं आते तो सफल हो जाते आरोपी
अनिल नागपाल ने बताया कि पूरी वारदात योजना के तहत अंजाम दी गई है। युवक को पहले से पता था कि मकान मालिक का कैटरिंग का कारोबार है। इसलिए आते ही बुकिंग की बात कही। उन्हें पता था कि किस समय मैं बाहर जाता हूं। मेरे जाने के बाद ही आरोपी मकान में दाखिल हुआ। वारदात के समय बेटा ऊपर के कमरे में पढ़ाई कर रहा था, क्योंकि उसका 12वीं का पेपर है। आवाज सुनकर वह नीचे आया और युवक से भिड़ गया। अनिल नागपाल ने कहा कि युवक ने दरवाजे से मारकर बेटे का हाथ तोड़ दिया है। उन्होेंने कहा कि सोर सुनकर पड़ोस के युवक व अन्य लोगों के आने से आरोपी को पकड़ा जा सका। पुलिस को आरोपी का मोबाइल फोन दे दिया है, जिसके माध्यम से वह लगातार अपने साथियों के संपर्क में था।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए भागते युवक
लोगों द्वारा पकड़कर पुलिस के हवाले किए गए युवक ने अपनी पहचान दिल्ली निवासी मनोज के तौर पर बताई है। वह लोगों के सामने कभी कह रहा था कि उसे एक लाख रुपये की जरूरत थी तो कभी कह रहा था कि उस पर कर्ज चढ़ा हुआ है। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसके फरार हुए दो साथी कौन हैं।
महिला ने दिखाई सूझबूझ और बेटे ने बहादुरी
सीमा नागपाल ने बताया कि जब वह रसोई में पानी लेने गई तो उसने झांकी से देखा कि अंदर आया युवक बाहर अपने दो दोस्तों को इशारा करके बुला रहा है। इतना ही नहीं, भागता हुआ गेट के पास आया और उसे दबोचने लगा। उसने धक्का देकर शोर मचा दिया, इसके बाद बेटा मनन आवाज सुनकर आ गया। उसने बहादुरी दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और पार्क में मौजूद पड़ोसियों को आवाज लगा दी। विशेष नाम का युवक पहले अंदर आया और आरोपी को पकड़ लिया।
मुख्यमंत्री के दौरे पर वारदात एक संयोग या पुलिस को चुनौती
पिछले माह आठ अप्रैल की शाम को मुख्यमंत्री को रोहतक आना था। उससे ठीक पहले दोपहर बाइक सवार दो लुटेरे सेक्टर एक में दिनदहाड़े एटीएम में पैसे डालने पहुंची कंपनी के कर्मचारियों से 2 करोड़ 62 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए थे। अब गुरुवार को मुख्यमंत्री रोहतक में ही थे। उसी दिन दिनदहाड़े शिवम एंक्लेव में घर में घुसकर लूट का प्रयास किया गया।
मां-बेटे ने सूझबूझ व बहादुरी दिखाई, जिसके चलते एक आरोपी को पकड़ा गया है। उसका मेडिकल करवा रहे हैं। पूछताछ में उसने अपनी पहचान दिल्ली निवासी मनोज बताई है। जल्द ही उसके फरार साथियों को भी दबोच लिया जाएगा। -कृष्ण कुमार लोहचब, एएसपी रोहतक।