बाल विवाह व यौन उत्पीड़न का शिकार हुई नाबालिग को आखिर न्याय की आस जगी है। पिछले डेढ़ माह से पीड़िता की सुनवाई नहीं कर रही पुलिस ने हाई कोर्ट की कार्रवाई के डर से केस दर्ज कर लिया है। इसमें पति, सास, ननद, ननदोई एसपी व पड़ोसी समेत दस लोग शामिल हैं। पीड़िता के पिता ने कार्रवाई नहीं होने के चलते हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस पर बुधवार को रखी गई सुनवाई में पुलिस को अदालत में स्थिति से अवगत कराना था। ऐसे में मंगलवार देर रात एफआईआर दर्ज की गई।
हैवानियत के कारण नाबालिग की हालत बिगड़ गई थी। पिता उसे डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने बात की तो नाबालिग ने उत्पीड़न की दास्तां बताई। उसने बताया कि ससुराल में सास के कहने पर परिवार के ही एक युवक ने उससे दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उस पर चाकू से हमला किया गया। पति ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया व अप्राकृतिक संबंध बनाए। इसके बाद 16 दिसंबर 2021 को पहली शिकायत दी गई। यह शिकायत इलाके के थाने लाखनमाजरा में पहुंची।
यौन उत्पीड़न की शिकार नाबालिग के पिता की दो शिकायतों के बाद भी उसे न्याय नहीं मिल रहा था। उसके पिता ने लाखनमाजरा थाने में शिकायत भी दी। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा एसपी व सीएम विंडो पर भी शिकायत दी गई। यहां से भी राहत नहीं मिली। इस कारण नाबालिग की तरफ से हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अदालत ने पुलिस से इस संबंध में जवाब मांगा। इसके लिए बुधवार को केस की सुनवाई का समय तय किया गया। कोर्ट में जवाब देने के चलते पुलिस ने मंगलवार देर रात केस दर्ज कर अदालत में अपना जवाब दिया। इसमें पति, सास, ननद, आईपीएस ननदोई, पड़ोसी समेत 10 लोगों के खिलाफ पॉक्सो, आईपीएस की धारा 376, 377, दहेज प्रताड़ना, बाल विवाह अधिनियम समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। - डॉ. दीपक भारद्वाज, अधिवक्ता, पीड़ित पक्ष
लाखनमाजरा थाना इलाके की एक नाबालिग की शिकायत मिली है। इस पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। नाबालिग की शादी हो गई थी। अब उसने उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायत दी है। पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है। - सुशीला, डीएसपी