कोरोना काल में 20 दिन गैरहाजिर दिखाकर आईटीआई के छात्र का नाम नहीं काटा जा सकता। तकनीकी शिक्षा विभाग छात्र की न केवल परीक्षा ले, बल्कि रिजल्ट भी घोषित करे। छात्र की याचिका पर जिला सिविल जज (सीनियर डिवीजन) ईशा खत्री ने यह फैसला दिया है।
वकील उमेश कुमार ने बताया कि आजादगढ़ निवासी प्रदीप ने 2018 में शहर की गवर्नमेंट मॉडल आईटीआई में दो साल के फिटर के कोर्स के लिए दाखिला लिया था। प्रदीप ने 2019 में कोर्स का एक साल पूरा कर लिया। इसी बीच 2020 में कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन लग गया। प्रदीप इसके चलते 11 जून से 30 जून तक क्लास में नहीं जा सका। जब वह पहुंचा तो बताया गया कि उसका नाम काट दिया गया है। इसके चलते वह परीक्षा देने से वंचित रह गया। प्रदीप ने मामले की शिकायत सीएम विंडो पर दी। जब कोई समाधान नहीं हुआ तो उसने वकील से संपर्क किया। 17 सितंबर को वकील ने याचिका दायर की। मांग की गई कि कोरोना काल में सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट ने व्यवस्था की थी कि किसी को स्कूल या कॉलेज में आने पर मजबूर नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद बिना किसी नोटिस के गैरहाजिरी दिखाकर छात्र का गलत तरीके से नाम काटा गया है। उसकी परीक्षा भी नहीं ली गई। आईटीआई प्रबंधन को आदेश जारी किए जाएं कि छात्र की परीक्षा लेकर उसका रिजल्ट घोषित किया जाए। अदालत में तभी से मामले की सुनवाई चल रही थी। अदालत ने अब छात्र की याचिका स्वीकार कर ली है। साथ ही आईटीआई को निर्देश दिए हैं कि छात्र की परीक्षा लेकर परिणाम जारी किया जाए।