स्वास्थ्य विभाग ने जिले में कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए 36 सरकारी व 15 निजी अस्पतालों को सेंटर बनाया है। सरकारी सेंटरों पर वैक्सीन निशुल्क लगाई जा रही है तो निजी सेंटरों पर वैक्सीन लगवाने के लिए 250 रुपये देने होंगे। इसमें से वैक्सीन के नाम पर 150 रुपये स्वास्थ्य विभाग को मिल जाएंगे और 100 रुपये अस्पताल प्रशासन को मिलेगा। इसमें निजी अस्पतालों को लाभार्थियों को पोर्टल पर पंजीकृत करने के साथ वैक्सीन लगानी होगी और आधे घंटे निगरानी में भी रखना होगा।
कोरोना से बचाव की वैक्सीनेशन को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी सेंटरों के अलावा निजी सेंटरों को भी अनुमति दी है। इसका मकसद है कि जो सरकारी सेंटर में कतार में नहीं लगना चाहते वह निजी खर्च पर निजी सेंटर पर वैक्सीन लगवा सकते हैं। विभाग का प्रयास है कि समाज का हर वर्ग टीकाकरण करवाएं ताकि कोरोना के संक्रमण की चेन को रोका जा सके। डिप्टी सिविल सर्जन एवं जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अनिलजीत त्रेहान ने बताया कि सरकारी टीकाकरण केंद्र पर वैक्सीन लगने से पहले व बाद के लिए हर तरह के निशुल्क इंतजाम है। ऐसे ही निजी सेंटर पर 250 रुपये जमा करने के बाद लाभार्थी को कोरोना से बचाव की वैक्सीन लगाई जाएगी और यदि कोई समस्या आती है तो उसी खर्च में वह अस्पताल उक्त व्यक्ति का उपचार करेगा। निजी सेंटरों में उन्हीं अस्पतालों को शामिल किया गया है जोकि पीएमजेएवाई योजना के तहत पंजीकृत हैं।
तीसरे चरण में चल रहा टीकाकरण
देशभर की तरह जिले में भी तीसरे चरण का टीकाकरण अभियान जारी है। पहले चरण में हेल्थ वर्कर्स को, दूसरे चरण में फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स से जुड़े विभागों व तीसरे चरण में 60 से अधिक आयु वाले बुजुर्ग व 20 तय बीमारी वाले व 45 से अधिक आयु वर्ग वाले मरीजों को वैक्सीन लगाई जा रही है।
समाज के हर वर्ग का वैक्सीनेेशन करने के लिए सरकारी व निजी सेंटरों में वैक्सीन लगाई जा रही है। घोषणानुसार पात्र लाभार्थी अपनी इच्छानुसार अपने पसंदीदा सेंटर पर वैक्सीन लगवा सकते हैं। यदि किसी को समस्या आती है तो वह सिविल सर्जन कार्यालय या जिला टीकाकरण अधिकारी से संपर्क कर सकता है।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन