अब तकनीकी कमी के चलते कोई लाभार्थी बगैर वैक्सीनेशन के नहीं लौटेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने कोविन 2.0 पोर्टल, आरोग्य सेतु एप व ऑनलाइन पंजीकरण कराने का विकल्प दिया है। इसका लाभ यह होगा कि अधिक-अधिक लोगों को वैक्सीन लगाकर हर्ड इम्यूनिटी तैयार की जाएगी ताकि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने कोविन 1.0 पोर्टल की खामी दूर करते हुए कोविन 2.0 पोर्टल अपडेट किया। इसमें तकनीकी खामी आई तो कई वैक्सीनेशन सेंटरों पर लाभार्थियों का पंजीकरण न होने के चलते वैक्सीन ही नहीं लगाई जा सकी। केंद्र के स्तर पर पोर्टल में आई तकनीकी खामी को दूर किया जा रहा है। अब विकल्प के रूप में विभाग ने आरोग्य सेतु एप से पंजीकरण कर वैक्सीन लगाने को हरी झंडी दे दी है। यदि यहां पर भी समस्या आती है तो ऑनलाइन पोर्टल पर वैक्सीन लगाई जा सकती है। इससे मौके पर ओटीपी जनरेट होगा और पंजीकरण होते ही लाभार्थी को वैक्सीन लगा दी जाएगी। डिप्टी सिविल सर्जन एवं जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अनिलजीत त्रेहान ने बताया कि वैक्सीनेशन कराने के तीन विकल्प दे दिए हैं। जिन लोगों को वैक्सीन लगवाने की छूट दी गई हैं वह अपने कागजात दिखा कर वैक्सीन लगवा सकते हैं। यदि किसी का किसी कारण पंजीकरण नहीं हो पाया है तो वह अपना पहचान पत्र व प्रमाण दिखाकर वैक्सीनेशन करवा सकता है।