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फर्जी एसआई बनकर जींद की युवती से नौकरी के नाम पर साढ़े 6 लाख रुपये ठगने का आरोपी गिरफ्तार

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फर्जी सब इंस्पेक्टर बनकर जींद की युवती को आर्मी स्कूल में टीचर लगवाने के नाम पर साढ़े 6 लाख ठगने के आरोपी पंजाब के लालडू निवासी सचिन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी रोहतक की जेपी कॉलोनी में किराये पर रहता है। वीरवार को आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया।
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सिविल लाइन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रमेश ने बताया कि जींद जिले के गांव बख्ताखेड़ा निवासी निशा ने 25 अगस्त को शिकायत दी थी कि वह रोहतक के कॉलेज में पढ़ती है और मॉडल टाउन में किराये पर मकान लेकर रह रही है। 2012 में कॉलेज मे पढ़ने के दौरान निशा की जान-पहचान जेपी कॉलोनी में किराये पर रह रहे सचिन से हुई। निशा ने सचिन को अपना धर्म भाई बनाया। सचिन राखी व अन्य त्योहारों पर निशा के घर जाने लगा। निशा के घरवालों से उसकी जान पहचान हो गई। सचिन ने निशा के परिवार वालों को बताया कि वह 2019 में हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर भर्ती हुआ है। निशा या उसके घरवालों से सचिन जब भी मिलता पुलिस की वर्दी में मिलता। सचिन ने निशा को बताया कि उसकी बड़े-बड़े अधिकारियों से अच्छी जान-पहचान है। निशा को आर्मी पब्लिक स्कूल में अध्यापक के पद पर सरकारी नौकरी लगवाने का दावा किया। कहा कि 13 लाख रुपये में नौकरी लग जाएगी। सचिन ने नौकरी लगने से पहले 6 लाख 50 हजार रुपये देने को कहा। बाकी के पैसे नौकरी लगने के बाद। निशा के घर वालों ने अप्रैल से मई माह के बीच 6 लाख 50 हजार रुपये सचिन को अलग-अलग समय पर दिए। सचिन ने तीन माह के अंदर निशा को नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। निशा के घर वालों ने सचिन से नौकरी के बारे में पूछा तो निशा के घर वालों को जान से मारने की धमकी व पुलिस में होने का रौब दिखाकर झूठे केस मे फंसाने की धमकी दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सचिन को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी ने वर्ष 2018 में ओमप्रकाश निवासी बामला से नौकरी लगवाने के नाम पर 8 लाख रुपये हड़पे हुए हैं। इसके अलावा अन्य वारदात भी खुलने की उम्मीद है।
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