दो माह का रुका मानदेय देने और समयावधि बढ़ाने की मांग पर आंदोलित नगर निगम के 171 आउटसोर्स कर्मियों को राहत मिली है। ग्रुप-डी के 95 और ग्रुप-सी के 68 कर्मियों की समयावधि 31 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है। डीएमसी स्टाफ में कार्यरत कर्मियों की समयावधि 31 मार्च कर दी गई है। वहीं, त्योहार से पहले इन कर्मियों को दो माह के मानदेय का भुगतान होगा।
नगर निगम में आउटसोर्स के 171 कर्मी कार्यरत हैं, जिनमें से ग्रुप-डी के 95, ग्रुप-सी के 68 और डीएमसी स्टाफ में सात कर्मी कार्यरत हैं। इनमें कई कर्मी सालों से आउटसोर्स पर कार्यरत हैं। इन कर्मियों की समयावधि अगस्त में खत्म हो चुकी है। इस पर निगम प्रशासन ने कमेटी बनाकर आउटसोर्स कर्मियों की जरूरत का आंकलन कराया है, ताकि इनकी संख्या घटाई या बढ़ाई जा सके। वहीं, दो माह से इन कर्मियों को मानदेय भी नहीं मिला है। इससे गुस्साए आउटसोर्स कर्मियों ने सोमवार को एकजुट होकर आउटसोर्स नगर पालिका कर्मचारी संघ के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। एलान किया यदि 24 घंटे में समयावधि नहीं बढ़ाई गई तो आंदोलन किया जाएगा। मामले की गंभीरता को देख संयुक्त आयुक्त सुरेश कुमार ने सोमवार को रिपोर्ट बनाकर नगर आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ को भेज दी। इस पर डीएमसी के सात स्टाफ कर्मियों को छोड़कर सभी की समयावधि 31 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है। नगर आयुक्त ने बताया कि आउटसोर्स कर्मियों की समयावधि 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है। त्योहार से पहले सभी को मानदेय मिल जाएगा।