सीबीएसई ने वर्ष 2021-22 की परीक्षा के लिए स्कूलों से 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की सूची मांगी है। बोर्ड ने स्कूलों प्रमुखों को पत्र लिखकर कहा है कि जो भी छात्र 2021-22 बोर्ड परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं उनकी सूची 30 सितंबर तक जमा करें। सीबीएसई के नोटिस के अनुसार, स्कूलों को बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ई-परीक्षा लिंक पर छात्रों की लिस्ट जमा करनी होगी। इसके बाद नवंबर व दिसंबर में बोर्ड पहली अवधि की परीक्षा आयोजित करेगा।
फार्म में गड़बड़ी होने पर सुधार का मौका नहीं:
बोर्ड की ओर से सभी स्कूलों को हिदायत दी गई है कि फार्म जमा करने से पहले उसे सही प्रकार से जांच ले, किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर सुधार का मौका इस बार नहीं मिलेगा। साथ ही कहा गया है कि सीबीएसई के पास किसी भी छात्र का नाम देने से पहले स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्र किसी अन्य बोर्ड में रजिस्टर्ड न हो। साथ ही वह छात्र उसी स्कूल का हो और नियमित रूप से कक्षाओं में शामिल हो रहा हो और वो किसी भी गैर-एफिलिएटिड स्कूल से न हो।
कोविड में अनाथ हुए विद्यार्थियों की भी मांगी सूची
कोरोना महामारी में अनाथ हुए बच्चों को राहत दी गई है। कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को किसी भी तरह का पंजीकरण शुल्क या परीक्षा शुल्क देय नहीं होगा। ऐसे विद्यार्थियों को इससे छूट होगी। इसके लिए सीबीएसई ने सभी स्कूलों से ऐसे विद्यार्थियों की सूची मांगी है। छूट पाने के लिए विद्यार्थियों को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।
तय अवधि के बाद लगेगी लेट फीस
जिन छात्रों का नाम 30 सितंबर तक बोर्ड के पास नहीं पहुंचेगा उनका पंजीकरण कराने के लिए लेट फीस जमा करनी होगी। 1 से 9 अक्तूबर के बीच लिस्ट सबमिट करने लिए विंडो फिर से खुलेगी, लेकिन इस बार हर उम्मीदवार की लेट फीस 2000 रुपये होगी। सीबीएसई द्वारा पांच विषयों के लिए करीब 1500 रुपये शुल्क लिया जाता है। वहीं अतिरिक्त या वैकल्पिक विषयों के लिए हर उम्मीदवार के लिए 300 रुपये स्कूलों को देने होंगे।
सीबीएसई की ओर से विद्यार्थियों के लिए परीक्षा को लेकर आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई है। इसमें 30 सितंबर तक का समय दिया गया है। एक ओर जहां गलत फार्म स्वीकार नहीं होंगे तो वहीं कोविड में अनाथ हुए बच्चों से इस बार कोई परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।
वीपी यादव, अध्यक्ष सहोदय रेवाड़ी।