रेवाड़ी। जल संरक्षण का संदेश लेकर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की टीमें घर-घर जाएंगी। साथ ही यह टीमें ग्रामीणों को पेयजल की गुणवत्ता जांचने के तरीके भी बताएंगी। इस उद्देश्य के लिए विभाग द्वारा खंड संयोजक और सक्षम युवाओं की दस टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों को विशेष ट्रेनिंग भी दी जाएगी। यह जानकारी जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता विनय प्रकाश चौहान ने दी है। वे बुधवार को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यालय परिसर में अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विभाग ने अभियान चलाने का फैसला किया है। इस कार्य में विभाग के खंड संयोजक और सक्षम युवाओं की टीम का सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने बैठक में उपस्थित प्रतिभागियों को बताया कि अगर किसी गांव में पानी से संबंधित कोई शिकायत सामने आती है विभाग द्वारा उक्त समस्या का समाधान किया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में सामान्य श्रेणी के उपभोक्ता का पानी का बिल 40 रुपये प्रति महीना व अनुसूचित जाति के उपभोक्ता का 20 रुपये प्रति महीना है, उपभोक्ता इन शुल्कों का भुगतान ऑनलाइन प्रणाली द्वारा कर सकते हैं।
बैठक में जिला सलाहकार योगेंद्र परमार ने खंड संयोजक और सक्षम युवाओं का आह्वान किया कि वह अपने खंड में पांच गांव विशेष रूप से चयनित करें, जिनको जल संरक्षण के क्षेत्र में संबंधित आदर्श गांव बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण आज समय की मांग है। इस बारे में प्रत्येक नागरिक को जागरूक किया जाना आवश्यक है, अगर आज हम पानी नहीं बचाएंगे तो आने वाली पीढ़ी के लिए कुदरत की अमूल्य धरोहर को नहीं दे पाएंगे। इस अवसर पर बीआरसी मनोज कुमार,जितेंद्र,कुलदीप,राहुल,मंजू, दीपिका, अंजू, कृष्ण,मुकेश आदि उपस्थित रहे।