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20 लाख खर्च करने के बाद भी नहीं मिली आवारा पशुओं से राहत

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रेवाड़ी। शहर को कैटल फ्री करने के नाम पर नगर परिषद की ओर से 20 लाख 80 हजार रुपये खर्च करने के बाद भी शहरवासियों को आवारा पशुओं से निजात नहीं मिल सकी है। शहर के गली मोहल्ले तो छोड़िए शहर के सर्कुलर रोड पर भी एक नहीं बल्कि सैकड़ों की संख्या में बेसहारा पशुओं को देखा जा सकता है।
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रोड पर जमा इन बेसहारा पशुओं से न केवल यातायात बाधित होता है बल्कि लोगों की जान पर भी खतरा मंडराया रहता है। एक के बाद एक चार युवकों की सांड़ द्वारा जान ले लेने के बाद प्रशासन की कुछ समय के लिए कुंभकरणी की नींद टूटी, लेकिन समाधान कुछ नहीं हो पाया।
1300 पशु पकड़े गउशाला पहुंचे महज 400 :
शहर की जनता के आक्रोश को देखते हुए नगर परिषद ने जयपुर की एक पशु पकड़ने की एजेंसी को ठेका दे दिया। रिकॉर्ड की माने तो एक बेसहारा पशु पकड़ने पर 16 00 रुपये का भुगतान किया गया।। इस तरह 1300 बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर परिषद ने 20 लाख 80 हजार रुपये खर्च कर दिए। जनता की गाढ़ी कमाई की इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बाद भी हालात जस के तस हैं। वहीं दूसरी ओर कागजों में 1300 पशु पकड़े गए हैं, लेकिन धारूहेड़ा में बनाई गई गोशाला में महज 400 ही पहुंच पाए हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर 900 पशु कहां चले गए। विधानसभा में भी उठ चुका मुद्दा : रेवाड़ी विधानसभा के कांग्रेस विधायक चिरंजीव राव विधानसभा में भी यह मुद्दा उठा चुके हैं साथ ही विधायक की आरे से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा चुका है। लेकिन इसके बावजूद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। नप के ईओ मनोज यादव ने बताया कि पशुओं को लगातार उठाया जा रहा है, गड़बड़ी का कोई सवाल ही नहीं है। बचे हुए पशुओं को भी सड़कों से हटाया जाएगा
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