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10 मिनट का सफर तय करने में लगे कई घंटे

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बावल चौक से महाराणा प्रताप चौक तक लगे जाम में फंसे लोग। संवाद - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। शहर में जाम लगना आम बात है। लेकिन सोमवार को शहर की सड़कों पर लगा जाम लोगों के लिए जी का जंजाल बन गया। वाहन चालकों को 10 मिनट का सफर तय करने में कई घंटों लग गए। ट्रैफिक पुलिस दिनभर जाम खुलवाने के लिए कड़ी मशक्कत करती नजर आई।
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शहर में सोमवार को प्रत्येक चौक चौराहे पर जाम की स्थिति रहीं। शहर में लगने वाले जाम का मुख्य कारण अनाजमंडी के नगर परिषद की ओर से दोबारा से बनने के लिए खोदी गई सड़क व अनाज मंडी में बिक्री के लिए आने वाले किसानों के वाहन माने जा रहे हैं। सोमवार को काफी अधिक संख्या में किसान अपनी फसल हो बेचने के लिए अनाज मंडी में आए हुए थे। वहीं भारी सरसों की बिजाई शुरू होने के चलते अनाज मंडी में डीएपी खाद खरीदने के लिए भी भारी संख्या में किसान अनाज मंडी पहुंच रहे हैं।
अनाज मंडी में आवागमन अधिक होने के कारण धीरे-धीरे जाम महाराणा चौक से बावल चौक के बाद सर्कुलर रोड तक पहुंच गया। जाम सर्कुलर रोड पर पहुंचने के बाद स्थिति गंभीर हो गई हैं। धीरे-धीरे पूरा शहर में जाम लग गया। पूरे में शहर जाम लगने के बाद ट्रैफिक पुलिस जाम खुलवाने के लिए कड़ी मशक्कत करती हुई नजर आई। रेवाड़ी के बावल चौक, अग्रसेन चौक, नाईवाली चौक, बस स्टैंड के सामने, आंबेडकर चौक, धारूहेड़ा चुंगी, झज्जर चौक, आजाद चौक पर दिनभर जाम लगा रहा। हालांकि ट्रैफिक पुलिस ने तपती गर्मी के बीच पसीना बहाकर ट्रैफिक को सुचारु किया, लेकिन लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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बॉर्डर बंद, ट्रैफिक शहर में डायवर्ट
किसानों के आंदोलन के चलते दिल्ली-जयपुर हाइवे पर जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर राजस्थान की तरफ से पूरी तरह बंद है। जयपुर से दिल्ली की तरफ जाने वाले भारी वाहनों को राजस्थान पुलिस की तरफ से लंबे समय से भाड़ावास रोड की तरफ डायवर्ट किया हुआ है। भाड़ावास रोड के रास्ते सारा ट्रैफिक रेवाड़ी शहर में प्रवेश कर रहा है। भारी वाहनों के कारण दिनभर जाम के हालात बन रहे हैं।
खराब ट्रैफिक लाइट भी जाम का कारण
नगर परिषद की तरफ से पांच साल पहले सर्कुलर रोड पर लगने वाले जाम को देखते हुए धारूहेड़ा चुंगी तथा नाईवाली चौक पर ट्रैफिक लाइट लगवाई गई थी। उस समय लगभग 20 लाख रुपये की लागत से ये लाइटें लगवाई गई थी, लेकिन लगने के बाद से ही इन लाइट का उपयोग नहीं हो पाया। कुछ समय पश्चात कुछ लाइटें भी खराब हो गई। ट्रैफिक लाइट का मुद्दा उठने पर इनकी मरम्मत कराकर दोबारा भी चालू कराया गया था, लेकिन फिर उपयोग नहीं होने के कारण लाइट बंद हो गई। इन लाइट पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी इनका उपयोग नहीं होने से शहर के सर्कुलर रोड पर आज भी ट्रैफिक यातायात पुलिस को संभालना पड़ता है।
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