प्रशासन भले ही लाख दावा करे, लेकिन खाद को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। खाद के लिए किसान जब सहकारी समितियां व इफ्को केंद्र पहुंचे तब केंद्र पर उन्हें ताला लटका मिला। इससे नाराज किसान सीधे उपायुक्त यशेंद्र सिंह के आवास पर पहुंच गए। किसानों ने कहा कि उन्हें सरसों की बिजाई से पूर्व खाद की बेहद आवश्यकता है, लेकिन खाद उनको मिल नहीं रह है।
किसानों का कहना है कि जानकारी नहीं होने के कारण वे मंडी में सुबह चार बजे ही पहुंच गए। सात बजे के लगभग उनको जानकारी मिली कि आज तो केंद्र बंद रहेंगे। इसके बाद किसान सुबह सात बजे सीधे उपायुक्त के घर पर पहुंच गे। वहां जाकर उन्होंने खाद दिलाने के लिए कहा। आवास पर किसानों को जानकारी दी गई कि खाद की कोई कमी नहीं है। लिहाजा, सोमवार से नियमित तौर पर इफ्को केंद्र व सहकारी समिति के कार्यालयों में खाद मिलेगी।
खाद को लेकर हालात सुधरेंगे ऐसी कोई गारंटी नहीं
जिस तरह से खाद को लेकर कुछ दिनों से हालात बने हुए हैं, उसे देखते हुए नहीं लगता है कि जल्द ही हालात सुधरने वाले हैं। रोजाना बड़ी संख्या में किसान खाद लेने के लिए मंडी में पहुंच रहे हैं, लेकिन खाद गिने चुने किसानों को ही मिल पा रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सहकारी समिति एवं इफ्को केंद्र पर खाद की कमी लगातार बनी हुई है। शनिवार को ढाई हजार क्विंटल खाद की सप्लाई आई थी, लेकिन इसमें से भी पूरी खाद रेवाड़ी को नहीं मिली है। अन्य जिलों में भी खाद इसी रैक में से गई है। देखा जाय कि तात्कालिक तौर पर रेवाड़ी को कम से कम 10 हजार क्विंटल खाद की अभी और जरूरत है। तब जाकर यहां के किसानों के आवश्यकताओं की पूर्ति हो पाएगी। इधर, देरी हुई तो गेहूं की बिजाई का भी समय आ जाएगा और किसानों की जरूरत उस समय भी खाद की रहेगी। ऐसे में मामला बिगड़ सकता है।
सरसों के साथ ही गेहूं के लिए भी खाद लेने पर बिगड़े हालात
अफसरों की माने तो किसान सरसों के साथ ही गेहूं की बिजाई के लिए खाद ले रहे हैं। इसको लेकर ही हालात बिगड़े हैं। किसान अगर धैर्य से काम लें तो कहीं कोई भी दिक्कत नहीं है। सरसों के सीजन में किसान उसी के ही लिये खाद लें तो ठीक है। बाद में गेहूं के समय उसके लिए ले।
खाद का स्टाक हमें लगातार मिल रहा है। हमने सहकारी समितियों में भी खाद पहुंचा दी है, जिससे एक ही जगह भीड़ न लगे। जैसे-जैसे खाद आती रहेगी इसको बांटा जाता रहेगा।
आशीष पंवार, फील्ड ऑफिसर, इफ्को