रेवाड़ी। नगर परिषद में पार्षदों के बीच खींचतान लंबे समय से चल रही है। कई पार्षदों का आरोप है कि नगर परिषद में उनके कार्यों को तरजीह नहीं दिए जा रहे हैं। यहां कोई उनको सुनने को तैयार तक नहीं है। इससे पार्षद दो फाड़ हो गए हैं। इसमें केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को हस्तक्षेप करना पड़ रहा है। उन्होंने नाराज पार्षदों को सोमवार को रामपुरा कार्यालय पर बुलाया है। इसमें अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। पार्षदों को सूचना भेज दी गई है।
पार्षदों की निशाने पर अधिकारी और चेयरपर्सन हैं। बीते दिनों कई ऐसे विवाद भी हो चुके हैं, जिसके कारण नगर परिषद खासी चर्चा में है। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के पास बहुत से पार्षदों के संदेश पहुंच चुके थे कि वह उनसे मुलाकात करना चाहते हैं। राव भी चाहते थे कि बजट बैठक से पहले पार्षदों से मिलकर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ले ली जाए।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बजट बैठक में राव खुद भी ऑनलाइन जुड़ सकते हैं। ऐसे में राव से मुलाकात से पहले नगर पार्षद दो धड़ों में बंट चुके हैं। शनिवार की रात ही चेयरपर्सन पूनम यादव ने 22 पार्षदों को एक जगह एकत्रित किया था। सात-आठ पार्षदों ने अलग से अपना धड़ा बना लिया है। ये सात-आठ पार्षद ही राव के समक्ष अधिकारियों और चेयरपर्सन के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले हैं। चेयरपर्सन भी विकास कार्यों की सूची सौंपकर विरोधियों का जवाब देने की तैयारी कर रही हैं। पार्षदों को राव के समक्ष अपनी बात रखने का मौका मिल रहा है तो निश्चित तौर पर अधिकारियों पर भी गुस्सा उतरना तय माना जा रहा है। शहर की सड़क, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई व्यवस्था के साथ ही प्रॉपर्टी टैक्स का मामला भी इन दिनों खूब छाया हुआ है। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से मुलाकात के लिए पार्षदों को पांच बजे और छह बजे का समय दिया गया है। इसके बाद अधिकारियों से मुलाकात होगी। देर शाम तक बैठकों का दौर चलेगा। राव एक-एक करके भी पार्षदों से बात करेंगे।