रेवाड़ी। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ हुई अधिकारियों की बैठक के बाद शनिवार को जिला प्रशासन एक्शन मोड में नजर आया। डीसी यशेन्द्र सिंह के नेतृत्व में प्रशासन की टीम ने पूरे जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का निरीक्षण किया। लेट लतीफी और लापरवाही की शिकायतों के बाद यह एक्शन लिया गया। इसके लिए 11 टीमें बनाई गई थीं। इस दौरान 7 डॉक्टरों सहित 44 स्वास्थ्य कर्मचारी गैरहाजिर मिले। डीसी ने गैरहाजिर डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इस दौरान डीसी यशेन्द्र सिंह ने कहा कि लोगों को स्वास्थ्य विभाग के निर्धारित समयानुसार स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी सेवाएं सुचारु रूप से मिले, इसके लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर संबंधित चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए। जन सेवा से जुड़े इस पुनीत कार्य में किसी भी रूप से लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी में सेवाएं नियमित प्रदत्त हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग मानवीय आधार पर अपने दायित्व का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से इस संदर्भ में नियमित निरीक्षण समय-समय पर किए जाएंगे और लापरवाही बरतने वालों से प्रशासन सख्ती से निपटेगा।
उधर, एडीसी जयदीप कुमार ने सिहा स्थित स्वास्थ्य केंद्र, जिला नगर आयुक्त भारत भूषण गोंगिया ने धारूहेड़ा स्वास्थ्य केंद्र, एसडीएम रेवाड़ी सिद्धार्थ दहिया ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मीरपुर, एसडीएम बावल संजीव कुमार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टांकरी, एसडीएम कोसली होशियार सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाहड़, सीटीएम देवेंद्र शर्मा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कसौला, डीडीपीओ एच.पी.बंसल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरावड़ा, डीआरओ राकेश कुमार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मसानी, सीएमजीजीए अमन वालिया ने पीएचसी भोंतवास अहीर व डहिना पीएचसी का निरीक्षण किया।
रिकॉर्ड में भी अंतर मिला
निरीक्षण के दौरान सीएचसी मीरपुर में 4 चिकित्सक, सीएचसी गुरावड़ा में 3 चिकित्सक व 11 स्वास्थ्यकर्मी, नाहड़ सीएचसी में 26 स्वास्थ्यकर्मी बिना किसी पूर्व सूचना के गैर हाजिर मिले वहीं पीएचसी टांकरी में 3 स्वास्थ्यकर्मी, मीरपुर सीएचसी में 3 चिकित्सक, टांकरी पीएचसी में 1 महिला चिकित्सक, कसौला पीएचसी में चिकित्सक निर्धारित ओपीडी समय से देरी से स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचे। निरीक्षण टीम द्वारा सभी केंद्रों पर स्टॉक रजिस्टर की भी जांच की गई। जांच के दौरान अनेक केंद्रों पर चिकित्सकों व फार्मासिस्ट के रजिस्टर में भी रिकॉर्ड में अंतर पाया गया। वहीं ओपीडी रजिस्टर में पेशेंट का आधार नम्बर व मोबाइल नम्बर भी दर्ज नहीं मिला, जो नियमों की अवहेलना को दर्शाता है। सभी टीम ने जांच की रिपोर्ट आगामी कार्रवाई के लिए डीसी को भेज दी है।
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कोट
जिलेवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी ढंग से लाभ पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय एवं पूरी तरह से सजग है। किसी भी रूप से स्वास्थ्य केंद्रों पर लेट लतीफी व लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। गैरहाजिर लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- यशेंद्र सिंह-डीसी, रेवाड़ी