जिले में वायरल और डेंगू बुखार के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। एडीज मच्छर के काटने की वजह से वाले डेंगू की मरीजों की संख्या तीन दिन में 31 से बढ़कर 46 हो गई है। अब तक मिले डेंगू के मरीजों में 40 की पुष्टि अक्तूबर में अभी तक हो चुकी है। वहीं गांव प्राणपुरा में डेंगू से दो लोगों की मौत होने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राणपुरा के मरने वालों के परिजनोें को मिलाकर कुल 50 लोगों के सैंपल लिए गए हैं।
इस वर्ष जिले में अच्छी बारिश होने की वजह से जगह-जगह पानी इकट्ठा होने के कारण डेंगू के केस बढ़े हैं। गांव प्राणपुरा की रहने वाली 13 वर्षीय किशोरी को तेज बुखार होने पर जांच करवाई गई तो उसमें डेंगू के लक्षण मिले। परिजनों ने उसे गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, मगर उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ और 5 अक्तूबर को उसकी मौत हो गई। बच्ची की मौत के पांच दिन बाद ही उसकी 72 वर्षीय दादी की भी जयपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दादी की भ मौत डेंगू है। बच्ची की मौत डेंगू से ही हुई इसकी पुष्टि हो चुकी है। गांव प्राणपुरा में डेंगू से मौत की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव का दौरा कर 50 लोगों के सैंपल लिए हैं। इसके अलावा मृतक बच्ची के परिजनों के सैंपल लेकर भी नागरिक अस्पताल भेजे गए हैं।
अब तक पिछले साल से अधिक आ चुके हैं केस
जिले में 2018 में 118, 2019 में 27, 2020 में 39 तो 2021 में अब तक 46 डेंगू के केस मिल चुके हैं। डेंगू की रोकथाम के लिए विभाग की ओर से दो लाख के करीब सैंपल लिए जा चुके हैं। 1222 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिले में अब तक डेंगू से 5 अक्तूबर को 13 वर्षीय बच्ची और उसके 5 दिन बाद उसकी दादी की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने दोनो की मेडिकल रिपोर्ट अस्पताल से मांगी है। बता दें कि जिले में सरकारी रिकॉर्ड में अभी तक 46 डेंगू के मरीजों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में ऐसे मरीज है, जिन्हें डेंगू होकर ठीक भी हो गए हैं, लेकिन उनका रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं हुआ है। इसके साथ ही कुछ संदिग्धों की मौत की खबर भी मिली, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने उसे नकार दिया। अब बच्ची और उसकी दादी की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है।
जिले में कराई जाएगी फॉगिंग
डेंगू एवं मलेरिया के नोडल अधिकारी डॉ. विजय प्रकाश ने बताया कि डेंगू की रोकथाम के लिए जिले में फॉगिंग व कीटनाशक का छिड़काव किया जाएगा। साथ ही लोगों को डेंगू से बचने के लिए जागरूक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि घर में या आसपास पानी जमा न होने दें। अगर पानी जमा है तो उसमें केरोसिन ऑयल अवश्य डालें। सभी रूम, कूलरों, फूलदानों का पानी सप्ताह में कम से कम एक बार अवश्य बदलें। घर में टूटे-फूटे डिब्बे, टायर, बर्तन, बोतलें आदि न रखें। बता दें कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में पैदा होता है। इसलिए पानी की टंकी को अच्छी तरह बंद करके रखें। अपने घरों में सप्ताह में एक बार मच्छर मारने वाली दवा का छिड़काव अवश्य करें।