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पानीपत: डीजे पर हर्ष फायरिंग में छोटे भाई से चली गोली, सरकारी अध्यापक बड़े भाई को लगी, मौत

Mon, 28 Mar 2022 02:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)

सार

दोनों भाई करनाल के गांव बला से मतलौडा थाना क्षेत्र के गांव कुराना में बरात के साथ आए थे। डीजे की धुन पर नाच गाने के दौरान चली गोली भाई के सीने में जा धंसी।
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मृतक का फाइल फोटो, कार्रवाई करती पुलिस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पानीपत के गांव कुराना में रविवार दोपहर तीन बजे हर्ष फायरिंग में करनाल के गांव बला निवासी सरकारी अध्यापक की गोली लगने से मौत हो गई। घटना तब हुई जब दोनों भाई एक दोस्त की बरात में पानीपत के गांव कुराना आए थे और इस दौरान छोटा भाई लाइसेंसी बंदूक से फायरिंग कर रहा था। सूचना पर पहुंची मतलौडा पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।

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मूलरूप से करनाल के गांव बला निवासी वीरेंद्र (55) फिलहाल कुरुक्षेत्र में परिवार समेत रहते थे। वह करनाल के गांव मुनक में सरकारी अध्यापक थे। रविवार को वह अपने छोटे भाई हरेंद्र उर्फ नरेंद्र के साथ गांव बला निवासी दोस्त खुर्शीद खान के बेटे बंटी की बरात लेकर गांव कुराना पहुंचे थे।

 

डीजे पर नृत्य करने के दौरान दोपहर करीब तीन बजे हर्ष फायरिंग में छोटे भाई हरेंद्र की लाइसेंसी बंदूक से गोली चली जो सीधा वीरेंद्र के सीने में जा लगी। वह खून से लथपथ हालत में जमीन पर गिर पड़ा। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें पार्क अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल के शव गृह में रखवाया। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।


छोटे भाई की गांव में चाऊमीन का कच्चा माल बनाने की फैक्टरी
मृतक के चाचा विजय ने बताया कि वीरेंद्र के छोटे भाई हरेंद्र की गांव बला में ही चाऊमीन का कच्चा माल बनाने की फैक्टरी है। इसी के लिए हरेंद्र ने अपना शस्त्र का लाइसेंस बनवाया था। उसके पास 12 बोर की बंदूक और 32 बोर की रिवाल्वर है। हरेंद्र की फैक्टरी में ही दोस्त खुर्शीद का बेटा बंटी काम करता था जबकि खुर्शीद रोडवेज विभाग में कार्यरत है।

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पांच साल से कुरुक्षेत्र रह रहे, दो वर्ष पहले बड़ा बेटा गया था इंग्लैंड
विजय ने बताया कि वीरेंद्र तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उससे छोटे भाई हरेंद्र और रविंद्र हैं। वीरेंद्र के चार बच्चे हैं, जिनमें बड़ी बेटी पूजा, फिर संयम, कीर्ति और सबसे छोटा यशविंद्र है। बेटा संयम दो वर्ष पहले स्टडी वीजा पर इंग्लैंड गया था, वह वहीं है। छोटा बेटा यशविंद्र योग टीचर है। उन्होंने बताया कि वीरेंद्र पांच वर्ष पहले ही कुरुक्षेत्र रहने के लिए गया था और वहीं से मुनक स्कूल तक निजी वाहन से अपडाउन करता था।

 

 

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी, शव को पोस्टमार्टम के लिए शव गृह में रखवा दिया है। मामले की जांच शुरू कर दी है, परिजनों के बयान पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। - इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार, थाना प्रभारी मतलौडा

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