कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई स्टॉल
- फोटो : अमर उजाला
पानीपत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा स्थल पर रोजगार भारती सहित अनेक स्टॉल अनेकता में एकता की झलक दिखा रहे हैं। इनमें अधिकांश पुस्तकों के हैं। रोजगार भारती का चलता फिरता टी-स्टॉल यहां आकर्षण का केंद्र बना है। वहीं केंद्र में हरियाणवी खाना देशभर से आए प्रतिनिधियों को भा रहा है। खास बात यह है कि पट्टीकल्याणा के सेवा साधना केंद्र के आसपास के गांवों से प्रतिदिन चार हजार लीटर लस्सी मंगाई जा रही है, जिसका लुत्फ देशभर से आए प्रतिनिधि उठा रहे हैं।
पुस्तकों की प्रदर्शनी के बीच चलता-फिरता टी-स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र
पट्टीकल्याणा के सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र में अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक का सोमवार को दूसरा दिन रहा। सुबह से देर रात तक चार सत्रों के दौरान जलपान और खानपान के लिए ब्रेक दिया जाता है। इसमें अलग-अलग प्रदेश के लोग अपना खास व्यंजन तैयार करवाते हैं। वे खुद भी इसमें सहयोग करते हैं। रविवार को नाश्ते में पंजाब का चूरमा बाटी खास तरीके से बनाया गया था। इसके अलावा हरियाणावी मक्के की रोटी और सरसों का साग लोगों को खूब भा रहा है। साथ ही स्थानीय लस्सी भी खूब पसंद की जा रही है।
चलता फिरता टी-स्टॉल रोजगार का दे रहा संदेश
चलते फिरते टी-स्टॉल पर कुछ अनोखी चीजें प्रस्तुत की गई हैं। यहां पर रखी एक विशेष प्रकार से डिजाइन की गई साइकिल लोगों को काफी आकर्षित कर रही है। यह साइकिल नहीं, बल्कि एक चलती फिरती टी स्टॉल है। इसमें गैस चूल्हे सहित कई प्रकार की सुविधाएं हैं।बहुत कम लागत में तैयार इस साइकिल में सामान रखने के लिए अलग-अलग स्थान बनाए गए हैं। चूल्हा रखने के लिए भी पर्याप्त स्थान है।
इस अनोखी टी स्टॉल पर विशेष छतरी लगी है, जिससे इसे कहीं भी धूप या बारिश में भी खड़े होकर चाय बनाई और पिलाई जा सकती है। आम तौर पर देखा जाता है कि खाली समय में अपने कार्यस्थल से लोग चाय पीने के लिए किसी चाय की दुकान पर जाते हैं। इसमें समय भी लगता है और काम का भी नुकसान होता है। ऐसे में चलती फिरती चाय की दुकान से लोगों के लिए खास नजर आ रही है।
स्वरोजगार के लिए कर रहे प्रेरित
रोजगार भारती की ओर से 2020 में कोविड और लॉकडाउन से उत्पन्न परिस्थिति से सबक लेते हुए लोगों की रोजगार संबंधी परेशानियों को हल करने के लिए अनेक प्रकार के प्रयास शुरू किए गए हैं। इसके तहत किए गए सर्वे से पता चला कि अधिकांश लोग अपने निवास स्थान पर रोजगार और संसाधन की कमी के कारण पलायन के लिए मजबूर होते हैं।
यदि उन्हें अपने निवास या उसके आसपास रोजगार के लिए साधन मुहैया करवाए जाएं तो वे आसानी से काम कर सकते हैं। इसी सोच को लेकर रोजगार भारती नेछोटे-छोटे विभिन्न रोजगार के संसाधन विकसित कर जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए काम किया है। इस संस्था के माध्यम से लोगों को रोजगार के लिए छोटे ऋण भी दिलाए गए हैं। अब संघ की महत्वपूर्ण बैठक में देशभर से आए प्रतिनिधियों के माध्यम से भी इस कार्य को विस्तार मिलेगा।