पानीपत/इसराना। साढ़े तीन महीने पूर्व गांव मांडी में सील किए गए दो ब्लीच हाउसों को चोरी छिपे दोबारा संचालित किया जाने लगा। यह शिकायत मिलने के बाद मंगलवार को उड़नदस्ता और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमों ने छापामारी कर दोनों ब्लीच हाउसों को दोबारा सील किया। बिजली निगम ने दोनों ब्लीच हाउसों के कनेक्शन काट दिए। जिला योजनाकार विभाग को ब्लीच हाउस ढहाने के निर्देश दिए गए हैं।
ब्लीच हाउस संचालक सील तोड़कर दोबारा ब्लीच हाउसों में काम करने लगे हैं। इस संबंध में उड़नदस्ता और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को लगातार शिकायतें मिल रही हैं। मंगलवार को दोनों टीमें संयुक्त रूप से गांव मांडी पहुंचीं। यहां ब्लीच हाउस संचालक के पास ब्लीच हाउस चलाने की एनओसी नहीं मिली। अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दोनों ब्लीच हाउसों पर कानूनी कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार कर ली है। इन ब्लीच हाउसों को इससे पूर्व 21 मार्च को सील किया गया था।
उड़नदस्ते के सब इंस्पेक्टर एसआई राज सिंह ने बताया कि उनकी टीम को सूचना मिली थी कि गांव मांडी में जिन ब्लीच हाउसों को सील किया गया था, उनमें दोबारा काम शुरू हो गया है। वह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ अजय अहलावत और प्रदीप सिंह के साथ मौके पर पहुंचे। बिजली निगम से फोरमैन महेंद्र सिंह, लाइनमैन राजेश कुमार और मोहित को बुलाया गया था। अंकुश आयुष इंटरप्राइजेज और रौनक इंटरप्राइजेज का निरीक्षण कर जांच की गई। यहां ब्लीच हाउस अवैध रूप से चलते पाए गए। दोनों ब्लीच को सील कर दिया गया है। बिजली निगम ने यहां का बिजली कनेक्शन काट दिया है।
बिजली निगम और जिला योजनाकार विभाग नहीं करता कार्रवाई
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने डेढ़ साल पहले जिलेभर में अवैध ब्लीच हाउसों पर कार्रवाई करते हुए 136 ब्लीच हाउसों को सील किया था। इनके कनेक्शन काटने के लिए बिजली निगम और ध्वस्त करने के लिए जिला योजनाकार विभाग को पत्र लिखा गया था, लेकिन दोनों विभागों ने इस पर कार्रवाई नहीं की। बोर्ड की ओर से ब्लीच हाउसों के कनेक्शन काटने के लिए तीन बार रिमाइंडर भी भेजा गया, लेकिन निगम की ओर से कार्रवाई नहीं की गई0। अब दोबारा अवैध रूप से ब्लीच हाउस चलने लगे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन ब्लीच हाउस संचालकों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
रिकॉर्ड में 170, हकीकत में 300 से अधिक ब्लीच हाउस
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रिकॉर्ड के अनुसार जिले में 170 ब्लीच हाउस हैं, जबकि हकीकत में यह आंकड़ा 300 से अधिक है। ब्लीच हाउस संचालकों ने ब्लीच हाउस खोलने के लिए शहर से बाहर भूमि ढूंढ़ी है। सबसे अधिक ब्लीच हाउस सनौली, बापौली, डाहर, नौल्था, समालखा, मतलौडा, महराणा क्षेत्र में हैं। विभाग ने ब्लीच हाउस संचालकों को भूमि देने वाले किसानों को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
सील तोड़कर दोबारा काम करने वालों पर होगी कार्रवाई
डेढ़ साल पहले ब्लीच हाउसों पर व्यापक स्तर पर कार्रवाई कर बिजली निगम को कनेक्शन काटने के लिए पत्र लिखा गया था। हमें जब भी कोई शिकायत मिलती है हम कार्रवाई करते हैं। जो ब्लीच हाउस सील किए गए थे, अगर वे चलते मिले तो उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को मांडी गांव में दो ब्लीच हाउस सील किए हैं।
- कमलजीत सिंह, रीजनल ऑफिसर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड